कुवैत म्युनिसिपल काउंसिल ने नर्सरी बिल्डिंग रेगुलेशन में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। यह फैसला 11 फरवरी 2026 को लिया गया है। टेक्निकल कमेटी की चेयरपर्सन Munira Al-Amir ने इस नए आदेश की पुष्टि की है। अब कुवैत में नर्सरी बनाने और चलाने के लिए शेड्यूल नंबर आठ के तहत नए नियमों का पालन करना होगा। यह नियम सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की नर्सरी पर अलग-अलग तरीके से लागू होंगे।

नर्सरी बिल्डिंग के लिए क्या हैं नए नियम?

नए नियमों के मुताबिक प्राइवेट नर्सरी के लिए कम से कम 2,000 स्क्वायर मीटर की जगह होनी चाहिए। जमीन का इस्तेमाल सिर्फ नर्सरी या खेती से जुड़े कामों के लिए ही किया जा सकता है। इसे पूरी तरह कमर्शियल बिल्डिंग में बदलने की इजाजत नहीं है।

  • ग्राउंड फ्लोर: प्लॉट के कुल एरिया का ज्यादा से ज्यादा 50% हिस्से में निर्माण हो सकता है।
  • मेजेनाइन फ्लोर: यह प्लॉट एरिया का 30% हो सकता है। इसमें ऑफिस भी बनाया जा सकता है जिसके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी।
  • बेसमेंट: बेसमेंट प्लॉट के पूरे 100% हिस्से में बनाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल पार्किंग या स्टोरेज के लिए होगा।

कमर्शियल एक्टिविटी और फीस पर अपडेट

प्राइवेट नर्सरी चलाने वालों की मदद के लिए नियमों में थोड़ी ढील दी गई है। अब नर्सरी प्लॉट के 5% हिस्से का इस्तेमाल कैफे या रेस्टोरेंट जैसी सुविधाओं के लिए किया जा सकता है। हालांकि यह ध्यान रखना होगा कि इससे पढ़ाई या नर्सरी के मुख्य काम पर असर न पड़े। सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी के सभी नियमों को मानना जरूरी होगा।

लाइसेंस और फीस को लेकर भी मंत्रालय ने जानकारी दी है। सोशल अफेयर्स मिनिस्ट्री लाइसेंस फीस को धीरे-धीरे बढ़ाकर 5,000 KD करने की योजना बना रही है। पहले यह फीस 2,000 KD थी। इसके अलावा ऑपरेटिंग लाइसेंस लेने के लिए 5,000 KD की फाइनेंशियल गारंटी देना पहले की तरह ही जरूरी रहेगा। PAAAFR सरकारी नर्सरी की देखरेख करेगा, जबकि लाइसेंस देने का काम MoSA के पास रहेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.