Kuwait में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। नगर पालिका (Municipality) ने फैमिली रेजिडेंशियल इलाकों में बैचलर्स के रहने पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा प्लान शुरू किया है। अब इन इलाकों में अकेले रहने वाले प्रवासियों और मकान मालिकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि मोहल्लों की पहचान बनी रहे।
21 जून 2026 को इंजीनियर निज़ार अल-अवद की अध्यक्षता में एक अहम मीटिंग हुई, जिसमें इन नियमों को सख्ती से लागू करने की बात कही गई। नगर पालिका ने साफ किया कि बैचलर्स की भीड़ से बिजली, पानी और सीवरेज जैसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ता है, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचता है। इसे रोकने के लिए अब अलग-अलग सरकारी विभागों के साथ मिलकर संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी जो लगातार निगरानी करेंगी।
कार्रवाई की शुरुआत हो चुकी है। 6 जून 2026 को सबा अल-अहमद मरीन सिटी में जांच के दौरान 25 चालान काटे गए। नगर पालिका के प्रवक्ता मोहम्मद अल-सुन्दान ने बताया कि लोगों को अपनी गलतियां सुधारने के लिए 22 जून से 6 जुलाई 2026 तक का समय दिया गया है। अगर इस दौरान उल्लंघन नहीं हटाया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियम और भारी जुर्माना
कुवैत नगर पालिका के कानून नंबर 33/2016 के तहत फैमिली जोन में गैर-परिवारों (बachelors) को घर किराए पर देना पूरी तरह मना है। इसके उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान है:
- पहली बार गलती करने पर 1,000 से 5,000 कुवैती दीनार का जुर्माना लगेगा।
- दोबारा वही गलती करने पर यह जुर्माना बढ़कर 10,000 कुवैती दीनार हो सकता है।
- नियम न मानने वालों पर रोजाना 20 कुवैती दीनार का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
यह खबर उन भारतीय प्रवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो अक्सर साझा कमरों या फ्लैट्स में रहते हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब फैमिली जोन में रहने वाले बैचलर्स का सिविल आईडी (Civil ID) तब तक रिन्यू या रजिस्टर नहीं होगा, जब तक कि उनके पास मकान मालिक के साथ चौथी डिग्री तक की रिश्तेदारी का सबूत न हो। घरेलू कामगारों को इस नियम से छूट दी गई है।
भविष्य की योजनाएं और कानून
इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए सरकार ने अगस्त 2025 में एक बड़ा प्लान बताया था। इसके तहत 12 नए रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और 6 नए वर्कर्स सिटी बनाए जाएंगे, जिनमें करीब 4 लाख वर्कर रह सकेंगे। इन प्रोजेक्ट्स को पूरा होने में दो से छह साल का समय लग सकता है।
मंत्री फहद अल-शोला ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट कानून भी कैबिनेट को भेजा है, जिसे फतवा और लेजिस्लेशन विभाग की मंजूरी मिल चुकी है। इस नए कानून के आने के बाद नगर पालिका के पास यह पावर होगी कि वह नियमों का पालन न करने वाले किरायेदारों को घर से निकाल सके और उनकी बिजली-पानी की सप्लाई काट सके।
