Jleeb Al-Shuyoukh इलाके में कुवैत नगर पालिका ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। यहाँ 42 ऐसी इमारतों को गिराया जा रहा है जो बहुत पुरानी और जर्जर हो चुकी थीं। सरकार का कहना है कि ये इमारतें यहाँ रहने वाले लोगों और आम जनता के लिए खतरा बन गई थीं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी था।

इमारतों को क्यों गिराया गया और क्या है कारण?

कुवैत नगर पालिका ने पाया कि Jleeb Al-Shuyoukh की कई इमारतें पूरी तरह असुरक्षित थीं। Ministry of Public Works के तहत आने वाले सेंटर फॉर टेस्टिंग, क्वालिटी कंट्रोल और रिसर्च की रिपोर्ट में इन ढांचों को खतरनाक बताया गया था। इन इमारतों के कभी भी गिरने का डर था जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। इसी सुरक्षा जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने इन्हें ध्वस्त करने का फैसला लिया।

अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा

  • 4 नवंबर 2025: नगर पालिका की डायरेक्टर जनरल Engineer Manal Al-Asfour ने 67 प्रॉपर्टीज को खाली करने और गिराने का आदेश जारी किया था।
  • 24 नवंबर 2025: बुलडोजर चलाकर आधिकारिक तौर पर इन असुरक्षित इमारतों को गिराने का काम शुरू किया गया।
  • 21 दिसंबर 2025: प्रशासन ने पुष्टि की कि नवंबर से दिसंबर के बीच कुल 60 जर्जर इमारतें गिराई जा चुकी हैं।
  • ताज़ा अपडेट: अब 42 और ऐसी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा थीं।

प्रशासन के नियम और अधिकारियों के निर्देश

नगर पालिका ने प्रॉपर्टी मालिकों को दो हफ्ते का समय दिया था कि वे खुद इमारतों को खाली करें और उन्हें गिरा दें। प्रशासन ने साफ किया कि अगर मालिक इस आदेश का पालन नहीं करते, तो नगर पालिका खुद उन्हें गिराएगी और इसका सारा खर्च मालिकों से ही वसूला जाएगा। Minister of Interior Sheikh Fahd Al-Yousef के निर्देश पर इस इलाके में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख़्त अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में Kuwait Fire Force और Ministry of Electricity and Water जैसे विभाग भी शामिल हैं ताकि कोई हादसा न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह कार्रवाई कुवैत के किस इलाके में हो रही है?

यह कार्रवाई Jleeb Al-Shuyoukh इलाके में हो रही है जहाँ जर्जर और असुरक्षित इमारतों को गिराया जा रहा है।

इमारतों को गिराने का फैसला किस आधार पर लिया गया?

यह फैसला Ministry of Public Works की टेक्निकल रिपोर्ट के आधार पर लिया गया जिसमें इमारतों को जनता के लिए खतरनाक बताया गया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com