कुवैत नगर पालिका ने देश के सभी छह प्रांतों में अवैध कब्जों को हटाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। दो हफ्ते की मोहलत खत्म होने के बाद अब नगर पालिका की टीमें जमीन पर उतर आई हैं। इस मुहिम का मुख्य मकसद सरकारी जमीन को खाली कराना और शहर की सुंदरता को बनाए रखना है।

यह अभियान 7 जुलाई 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हुआ है। इससे पहले लोगों को अपनी गलतियां सुधारने और अवैध निर्माण हटाने के लिए 6 जुलाई 2026 तक का समय दिया गया था। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब समय सीमा खत्म हो चुकी है और आगे कोई और मोहलत नहीं मिलेगी। इस पूरे अभियान को “Kuwait is More Beautiful Without Encroachments” के नारे के साथ चलाया जा रहा है।

इन निर्माणों पर होगी कड़ी कार्रवाई

नगर पालिका की टीमें मुख्य रूप से सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को निशाना बना रही हैं। इसमें निम्नलिखित उल्लंघन शामिल हैं:

  • घर के सेटबैक एरिया में लगाई गई हरी बाड़ (green fences)
  • फुटपाथ और सार्वजनिक सड़कों पर बनाए गए दीवानिया
  • सार्वजनिक चौकों, गलियारों और सर्विस एरिया में किए गए निर्माण
  • बिजली ट्रांसफॉर्मर के पास बनाए गए गैरकानूनी स्ट्रक्चर

इसके साथ ही एक नया नियम भी तैयार किया जा रहा है। अब कारपोर्ट, लैंडस्केपिंग और अस्थायी निर्माण के लिए परमिट लेना होगा और उसकी फीस चुकानी होगी। नए नियमों के तहत रहने या सामान रखने के लिए टेंट लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

अधिकारियों ने क्या कहा

कुवैत नगर पालिका के प्रवक्ता Mohammed Al-Sundan ने बताया कि कानूनी कार्रवाई से पहले लोगों को जागरूक करने के लिए एक बड़ा कैंपेन चलाया गया था ताकि वे खुद ही उल्लंघन हटा लें। वहीं, Central Operations टीम के सदस्य इंजीनियर Mohammed Al-Jalawi ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी को सजा देने के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कानून का पालन कराना और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना है।

जुर्माना और पेनल्टी की पूरी लिस्ट

नगर पालिका के पास अवैध निर्माण को हटाने का पूरा अधिकार है और इसका खर्चा मालिक से ही वसूला जाएगा। साथ ही, परमिट रद्द करने और बिना मुआवजे के निर्माण गिराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। जल्द ही एक नया जुर्माना सिस्टम लागू होगा, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

उल्लंघन का प्रकार जुर्माना राशि (KD)
गंभीर अपराध (बिना लाइसेंस निर्माण, जमीन का अवैध उपयोग) 100 से 3,000 KD
डिजाइन या स्ट्रक्चर नियमों का उल्लंघन (अनधिकृत बदलाव) 500 से 1,000 KD
मामूली उल्लंघन (खराब रखरखाव, साफ-सफाई की कमी) 100 से 500 KD

ताजा अपडेट के मुताबिक, नगर पालिका की टीमों ने सभी प्रांतों में निरीक्षण शुरू कर दिया है। कई लोग डर और कानून के सम्मान के कारण खुद ही अपने अवैध निर्माण हटा रहे हैं, जिसकी वजह से शहर में मलबे को हटाने वाली कंपनियों और लेबर की मांग काफी बढ़ गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.