Kuwait Municipality ने सरकारी ज़मीन पर किए गए अवैध कब्ज़ों को हटाने के लिए देशभर में एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. 6 जुलाई तक चलने वाली मोहलत अब खत्म हो चुकी है और अब नगर पालिका की टीमें एक्शन ले रही हैं. यह पूरा अभियान ‘Kuwait is More Beautiful Without Encroachments’ स्लोगन के साथ चलाया जा रहा है.
कब से शुरू हुई कार्रवाई
नगर पालिका ने बताया कि 22 जून से 6 जुलाई 2026 तक लोगों को अपनी गलती सुधारने के लिए समय दिया गया था. अब 7 जुलाई 2026 से पूरे देश के प्राइवेट और मॉडल रिहायशी इलाकों में अवैध निर्माणों को हटाने का काम शुरू हो गया है. अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अब मोहलत के लिए और समय नहीं मिलेगा.
किन चीज़ों पर होगी कार्रवाई
नगर पालिका की टीमें सभी प्रांतों में जा रही हैं और इन चीज़ों को हटाया जाएगा:
- घर के बाहर लगाए गए हरे रंग के बाड़ (Green fences).
- फुटपाथ और सार्वजनिक सड़कों पर बनाए गए दीवानिया (Diwaniyas).
- सार्वजनिक चौराहों और अपनी ज़मीन की सीमा से बाहर बनाए गए दीवानिया.
- गलियों और सर्विस एरिया में बनाए गए ऐसे निर्माण जो सरकारी सुविधाओं और मेंटेनेंस के काम में बाधा डालते हैं.
जुर्माना और नए नियम
Central Operations Team के सदस्य Engineer Mohammed Al-Jalawi ने कहा कि यह अभियान कानून को लागू करने और शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए है, न कि लोगों को सज़ा देने के लिए. वहीं, प्रवक्ता Mohammed Al-Sundan ने बताया कि इसके लिए पहले लोगों को जागरूक भी किया गया था.
| उल्लंघन का प्रकार | जुर्माने की राशि |
|---|---|
| गंभीर उल्लंघन | 100 KD से 3,000 KD तक |
| डिज़ाइन या लैंडस्केपिंग नियम तोड़ना | 500 KD से 1,000 KD तक |
| छोटे उल्लंघन | 100 KD से 500 KD तक |
नए नियमों के तहत अब परमिट सिस्टम लागू होगा, जिसमें जगह और इस्तेमाल के हिसाब से 400 फिल्स से लेकर 5 दीनार प्रति वर्ग मीटर तक फीस देनी होगी. कारपोर्ट और लैंडस्केपिंग की अनुमति कुछ शर्तों और फीस के साथ दी जाएगी.
खेती वाली ज़मीन के लिए नियम
खेती वाले इलाकों में अस्थाई टेंट लगाने की अनुमति है, लेकिन वह 50 वर्ग मीटर से ज़्यादा बड़ा और 3 मीटर से ज़्यादा ऊँचा नहीं होना चाहिए. ऐसे टेंट का इस्तेमाल रहने या सामान रखने के लिए करना सख्त मना है.
इस अभियान की निगरानी Minister of Municipality Dr. Noura Al-Mishaan और Minister of State Abdullatif Al-Mishari कर रहे हैं. इसमें Interior, Defense और Finance जैसे अन्य मंत्रालयों का भी सहयोग लिया जा रहा है.
