कुवैत सरकार ने देश की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक नया नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट मॉडल लागू किया है। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संकट के समय देश की जरूरी सेवाएं बंद न हों और राष्ट्रीय सुरक्षा बनी रहे। इस पूरे सिस्टम को चलाने के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के बीच तालमेल बिठाया गया है।

क्या है यह नया सिस्टम और कैसे काम करेगा

कुवैत ने एक फील्ड-ड्रिवन मॉडल को एक्टिवेट किया है, जिसके तहत पिछले 30 दिनों में 130 से ज्यादा हाई-लेवल निरीक्षण किए गए। इस तैयारी के जरिए देश के छहों गवर्नरेट में 67 से ज्यादा महत्वपूर्ण साइटों को एक निगरानी और कमांड हब से जोड़ा गया है। इससे सरकार किसी भी आपात स्थिति में तेजी से एक्शन ले सकेगी और सप्लाई चेन को सुरक्षित रख पाएगी।

किन विभागों की हुई जांच और क्या रही तैयारी

इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व 28 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। इसमें मुख्य रूप से इन विभागों की जांच की गई है:

  • रक्षा मंत्रालय, कुवैत नेशनल गार्ड और जनरल फायर फोर्स।
  • बिजली घर, पानी के कंट्रोल सेंटर और अन्य यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर।
  • पोर्ट, एयरपोर्ट, अस्पताल और खाने-पीने की सप्लाई चेन।
  • बॉर्डर क्रॉसिंग और कोस्ट गार्ड यूनिट्स।

इन सभी जगहों का मुआयना इसलिए किया गया ताकि किसी भी बड़े खतरे के समय सेवाओं में कोई रुकावट न आए।

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश हैं

इंटीरियर मिनिस्ट्री ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक और वेरिफाइड खबरों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें। किसी भी आपात स्थिति की रिपोर्ट करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 जारी किया गया है। यह पूरा सिस्टम कुवैत में रहने वाले सभी लोगों और भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और सुविधाओं को बनाए रखने के लिए बनाया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.