कुवैत के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) और जनरल डायरेक्टोरेट ऑफ सिविल डिफेंस ने देश में नेशनल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। यह नया सिस्टम किसी भी बड़ी मुसीबत या आपातकालीन स्थिति में लोगों को तुरंत जानकारी देने के लिए बनाया गया है। 26 मार्च 2026 को इस सिस्टम का सफल टेस्ट किया गया और अब इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया है। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि संकट के समय सही जानकारी समय पर पहुंच सके।

इमरजेंसी अलर्ट के नियम और इसके अलग-अलग लेवल क्या हैं?

कुवैत सरकार ने इस अलर्ट सिस्टम को चार अलग-अलग लेवल में बांटा है ताकि खतरे की गंभीरता का पता चल सके। इसमें सबसे ऊंचे लेवल का अलर्ट एक बहुत तेज टोन के साथ आएगा, जिसे मोबाइल यूजर अपने डिवाइस पर बंद नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा अन्य लेवल्स पर सामान्य आवाज और टेक्स्ट मैसेज के जरिए जानकारी दी जाएगी।

  • नेशनल वार्निंग अलर्ट: यह सबसे ऊंचे लेवल का अलर्ट है जो तेज आवाज के साथ आएगा।
  • इमरजेंसी अलर्ट: यह मैसेज और खास अलर्ट टोन के साथ भेजा जाएगा।
  • जनरल अलर्ट: यह सूचना साइलेंट मोड पर या सामान्य नोटिफिकेशन की तरह मिलेगी।
  • पीरियोडिक मैसेज: समय-समय पर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देने के लिए साधारण टेक्स्ट मैसेज आएंगे।

iPhone यूजर्स को क्या करना होगा और विभाग की क्या सलाह है?

सिविल डिफेंस विभाग के अधिकारी लेफ्टिनेंट यूसुफ अल-ओतैबी ने बताया कि आईफोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को अपना ऑपरेटिंग सिस्टम (iOS) लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट करना जरूरी है। मोबाइल अपडेट होने के बाद ही यह नेशनल इमरजेंसी अलर्ट सही तरीके से काम करेगा। हालांकि यह सिस्टम एंड्रॉइड और हुआवेई डिवाइस पर पहले से ही काम कर रहा है, लेकिन एप्पल यूजर्स के लिए अपडेट रहना अनिवार्य है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि अलर्ट मिलने पर घबराएं नहीं और दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें।

सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें खास ध्यान

मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि इन अलर्ट्स का मकसद लोगों की जान बचाना है। किसी भी आपातकालीन मैसेज के मिलने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। साथ ही कुछ जरूरी नियमों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है।

जरूरी निर्देश क्या करना चाहिए
घटना की जगह भीड़ न लगाएं और वहां जाकर वीडियो न बनाएं
खिड़की और खुले मैदान अलर्ट मिलते ही इन जगहों से दूर हट जाएं
आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी और विश्वसनीय सूत्रों की खबरों पर भरोसा करें
कानूनी कार्रवाई नियमों का उल्लंघन करने पर सजा और कानूनी कार्रवाई हो सकती है
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.