कुवैत नेशनल गार्ड ने पुष्टि की है कि देश की हवा और समुद्र में रेडिएशन का स्तर बिल्कुल सामान्य बना हुआ है। नेशनल गार्ड के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल Hamad Al-Barjas ने हाल ही में केमिकल डिफेंस और रेडियोलॉजिकल मॉनिटरिंग सेंटर का दौरा किया। अधिकारियों ने साफ़ किया है कि हमलों के बाद से अब तक पर्यावरण में किसी भी तरह का प्रदूषण नहीं मिला है। कुवैत के अधिकारी हर समय हालात पर नजर रख रहे हैं ताकि आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कुवैत में रेडिएशन की स्थिति को लेकर क्या है ताज़ा रिपोर्ट?

कुवैत नेशनल गार्ड के मुताबिक, शेख सालेम अल-अली अल-सबाह केंद्र चौबीसों घंटे देश के वातावरण की निगरानी कर रहा है। प्रशासन ने बताया कि हाल के दिनों में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बावजूद कुवैत की सीमाओं और समुद्री क्षेत्रों में रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है। नेशनल गार्ड ने स्पष्ट किया है कि रेडिएशन लेवल लगातार चेक किया जा रहा है और अब तक कोई भी खतरनाक तत्व नहीं पाया गया है। सुरक्षा बल डेटा की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यह खबर कुवैत में रहने वाले लाखों भारतीयों के लिए राहत भरी है क्योंकि सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

सुरक्षा और हमलों के बीच प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

कुवैत के रक्षा और गृह मंत्रालय ने हमलों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। पिछले कुछ समय में हुई घटनाओं और सुरक्षा कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

घटना या कार्रवाई कुल संख्या या जानकारी
मलबे गिरने की कुल रिपोर्ट 616 बार (अब तक)
इंटरसेप्ट की गई मिसाइलें 5 बैलिस्टिक मिसाइलें
गिराए गए ड्रोन 7 ड्रोन (हालिया कार्रवाई)
एयर रेड सायरन बजना कुल 159 बार

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Saud Al-Atwan ने कहा कि कुवैती सशस्त्र बल हाई अलर्ट पर हैं। मंत्रालय के अनुसार, जिन जगहों पर मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिरा है वहां विस्फोटक निस्तारण टीमें काम कर रही हैं। 1 अप्रैल को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल टैंक में ड्रोन लगने से आग की घटना भी सामने आई थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और सतर्क रहें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.