कुवैत नेशनल गार्ड (KNG) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसने हाल के तनावपूर्ण हालातों के बीच अब तक 62 ड्रोन और सात दुश्मन मानवरहित विमानों (UAV) को मार गिराया है। सुरक्षा बलों ने देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण ठिकानों की रक्षा के लिए अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि कुवैत की सुरक्षा टीमें 24 घंटे काम कर रही हैं ताकि किसी भी खतरे को समय रहते टाल दिया जाए।

सुरक्षा बलों ने अब तक क्या कार्रवाई की है?

KNG के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल डॉ. जादान फाधेल ने मीडिया को बताया कि उनकी इंजीनियरिंग बटालियन और बम निरोधक दस्ते ने मिसाइल मलबे और ड्रोन से जुड़ी 51 अलग-अलग रिपोर्टों पर सफलतापूर्वक काम किया है। कुवैत की हवाई सीमा और समुद्री क्षेत्रों में फिलहाल हालात सामान्य बने हुए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से उठाए गए कुछ प्रमुख कदम इस प्रकार हैं:

  • KNG की विशेष टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और मलबे को सुरक्षित रूप से हटाने का काम कर रही हैं।
  • शेख सालेम अल-अली सेंटर फॉर केमिकल डिफेंस लगातार निगरानी रख रहा है और शुरुआती चेतावनी प्रणाली सक्रिय है।
  • कुवैत की सेना, पुलिस और फायर फोर्स के साथ मिलकर नेशनल गार्ड 82 महत्वपूर्ण साइटों की सुरक्षा कर रहा है।
  • 30 मार्च 2026 को ही कुवैत नेशनल गार्ड ने अपने अधिकार क्षेत्र में एक और ड्रोन और चार अन्य विमानों को नष्ट किया है।

ड्रोन उड़ाने और सुरक्षा को लेकर नए नियम क्या हैं?

कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने सुरक्षा खतरों को देखते हुए ड्रोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर नासिर बुसालिब ने बताया कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। आम नागरिकों और प्रवासियों के लिए सरकार ने जरूरी हिदायतें जारी की हैं:

  • किसी भी तरह के ड्रोन का उपयोग सुरक्षा और सैन्य अभियानों के लिए खतरा माना जाएगा और इस पर सख्त पाबंदी है।
  • ड्रोन उड़ाने के लिए गृह मंत्रालय और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से परमिट लेना अनिवार्य है।
  • अगर किसी को भी जमीन पर कोई संदिग्ध वस्तु या मिसाइल का मलबा दिखे, तो उसे खुद न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
  • मंत्रालय की टीमों ने अब तक मलबे से जुड़ी 606 रिपोर्टों का निपटारा किया है, जो सुरक्षा अभियानों के दौरान गिरे थे।

कुवैत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के पास भी अपना विरोध दर्ज कराया है। सरकार का कहना है कि वह अपने हवाई क्षेत्र और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर कानूनी और रक्षात्मक कदम उठाने के लिए तैयार है। यह तनाव 28 फरवरी के बाद से बढ़ा है, जिसके बाद से कुवैत ने अपनी रक्षा प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com