कुवैत सरकार ने इंसानों की तस्करी (Human Trafficking) को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। देश ने साल 2025 से 2028 तक के लिए एक नया नेशनल स्ट्रेटजी प्लान लागू किया है ताकि महिलाओं, बच्चों और प्रवासी मजदूरों को इन अपराधों से बचाया जा सके। सरकार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलकर इस खतरे से लड़ने की तैयारी में है।

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सरकारी अधिकारियों के बयान

कुवैत के विदेश मंत्रालय की डिप्लोमैटिक अटैची Zainab Mansouri ने वियना में हुई एक बैठक में कहा कि कुवैत तस्करी रोकने वाले नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, UN में कुवैत की सेकंड सेक्रेटरी Wafiqah Al-Mulla ने प्रवासी मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। दूसरी ओर, Lulwa Khaled Al-Dosari ने बच्चों की तस्करी रोकने और उनकी सुरक्षा के लिए नए प्लान की जानकारी दी।

पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के अधिकारी Fahad Al-Mutairi ने चेतावनी दी कि तस्करी करने वाले गिरोह अब AI जैसी नई टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए कुवैत ने अपना कानूनी ढांचा मजबूत किया है। Mariam Mansouri ने बताया कि इंसानों की तस्करी सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि इंसानियत के खिलाफ अपराध है। इसी वजह से US स्टेट डिपार्टमेंट की 2025 की रिपोर्ट में कुवैत को Tier 2 श्रेणी में रखा गया है।

नए कानून और नियम

कुवैत ने तस्करी रोकने के लिए कई कड़े कानून बनाए हैं। इनमें Law No. 91 (2013) और साइबर क्राइम से जुड़ा Law No. 63 (2015) सबसे अहम हैं। जनवरी 2025 में एक नया Residency Law लाया गया है, जिसमें ‘वीज़ा ट्रेडिंग’ (Visa Trading) को पूरी तरह बैन कर दिया गया है और ऐसा करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है। साथ ही, शादी की कानूनी उम्र बढ़ाकर 18 साल कर दी गई है।

मजदूरों और पीड़ितों के लिए सुविधाएं

  • पीड़ित पुरुष प्रवासी मजदूरों के लिए अलग से शेल्टर होम खोला गया है।
  • कुवैत बार एसोसिएशन के साथ समझौता हुआ है ताकि पीड़ितों को मुफ्त कानूनी मदद मिल सके।
  • कम वेतन पाने वाले मजदूरों के लिए बैंक अकाउंट खोलना आसान बनाया गया है।
  • जो कंपनियां मजदूरों की सैलरी रोकेंगी, उन पर अब सख्त जुर्माना लगेगा।

हालांकि, अमेरिकी रिपोर्ट में कुछ कमियों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कफाला सिस्टम (Kafala system) में अभी और सुधार की जरूरत है ताकि प्रवासी मजदूर सुरक्षित रह सकें। साथ ही, तस्करी करने वालों के खिलाफ कोर्ट में केस चलाने और उन्हें सजा दिलाने की रफ्तार बढ़ाने की सलाह दी गई है।