कुवैत की एक अदालत ने नागरिकता फर्जीवाड़े के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। एक खाड़ी देश की महिला और उसके पिता को 7 साल की कड़ी जेल की सजा मिली है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 15 लाख कुवैती दीनार का भारी जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला साल 1995 से चल रहा था।

फर्जी नागरिकता के लिए क्या तरीका अपनाया गया

क्रिमिनल कोर्ट के काउंसलर Dr. Khaled Al-Amira ने बताया कि आरोपियों ने एक मृत कुवैती नागरिक की पहचान का इस्तेमाल किया था। फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्होंने गैरकानूनी तरीके से कुवैती नागरिकता हासिल की। इस फर्जी नागरिकता की मदद से उन्होंने सरकारी वेतन, पेंशन और सरकार द्वारा दिए जाने वाले घर जैसी सुविधाओं का गलत फायदा उठाया।

कुवैत में नागरिकता रद्द करने के नए नियम

कुवैत सरकार अब नागरिकता के फर्जीवाड़े पर बहुत सख्ती कर रही है। आंतरिक मंत्री Sheikh Fahad Al-Yousef की अध्यक्षता वाली Higher Committee for Kuwaiti Citizenship Investigation इस मामले में जांच कर रही है। नए कानून के मुताबिक, अगर नागरिकता लेने के लिए गलत जानकारी दी गई है, तो उसे वापस लिया जा सकता है। 2024 की शुरुआत से अब तक लगभग 42,000 लोगों की नागरिकता रद्द की जा चुकी है। जुलाई 2025 में एक ही बार में 1,060 से ज्यादा लोगों की नागरिकता खत्म की गई थी।

फर्जीवाड़े के मामलों में क्या है सजा का प्रावधान

कुवैत दंड संहिता (Penal Code) के तहत सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करना गंभीर अपराध है। कानून के मुताबिक, आधिकारिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़े के लिए 1 से 10 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। वहीं, पासपोर्ट या पहचान पत्र के फर्जीवाड़े के मामले में सजा 3 से 15 साल तक हो सकती है और गंभीर मामलों में उम्रकैद तक का प्रावधान है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में नागरिकता रद्द होने का मुख्य कारण क्या है

नागरिकता आवेदन के दौरान गलत जानकारी देना या फर्जी दस्तावेज जमा करना मुख्य कारण है। सरकार उन सभी फाइलों की जांच कर रही है जिनमें गलत तरीके से नाम जोड़े गए थे।

नागरिकता फर्जीवाड़े के मामले में कितनी सजा हो सकती है

कुवैती कानून के अनुसार, पासपोर्ट और आईडी कार्ड के फर्जीवाड़े के लिए 3 से 15 साल तक की जेल और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.