Kuwait सरकार ने फर्जी तरीके से नागरिकता लेने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। First Deputy Prime Minister और Minister of Interior Sheikh Fahad Al-Yousef की अगुआई में एक खास कमेटी उन लोगों को ढूंढ रही है जिन्होंने गलत दस्तावेजों या फर्जी पहचान के जरिए कुवैती नागरिकता हासिल की थी। अब नए कानूनों के तहत जांच इतनी सख्त कर दी गई है कि DNA टेस्ट और फिंगरप्रिंट के जरिए हर एक फाइल की जांच हो रही है।

कुवैत का नया नागरिकता कानून और सख्त नियम क्या हैं?

सरकार ने नागरिकता कानून में कई बड़े बदलाव किए हैं ताकि देश की पहचान और जनसंख्या का संतुलन बना रहे। इन नियमों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • Article 11 bis: जिन लोगों के पास दो देशों की नागरिकता है, उन्हें 3 महीने के भीतर अपनी दूसरी नागरिकता छोड़नी होगी।
  • Article 14: अगर यह साबित होता है कि किसी ने अपने फाइल में गैर-जैविक बच्चों (non-biological children) को गलत तरीके से जोड़ा है, तो उनकी नागरिकता रद्द कर दी जाएगी।
  • Article 20: अब जांच के लिए DNA टेस्ट और बायोमेट्रिक डेटा जैसे वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करना कानूनी रूप से मान्य है।
  • Article 16: नागरिकता रद्द होने के बाद उस व्यक्ति को मिलने वाले सभी सरकारी लाभ और सुविधाएं तुरंत खत्म कर दी जाएंगी।
  • Article 21 bis B: गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देने वालों को जेल की सजा और भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।

अब तक कितनी कार्रवाई हुई और कौन से बड़े मामले सामने आए?

इस अभियान के दौरान अब तक लगभग 50,000 लोगों की नागरिकता छीनी जा चुकी है। जांच में कई ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं जहां दशकों पुराने फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है:

  • एक मामले में एक मृत व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल कर करीब 1,000 फर्जी आश्रितों (dependents) के नाम दर्ज किए गए थे, जिनमें से 978 लोगों की नागरिकता वापस ले ली गई।
  • एक सैनिक को फर्जी नागरिकता लेने के जुर्म में 7 साल की जेल और 3,16,000 KD का जुर्माना लगाया गया।
  • DNA सबूतों के आधार पर एक नागरिक की नागरिकता इसलिए छीन ली गई क्योंकि उसके बेटों के रूप में दर्ज दो व्यक्ति जैविक रूप से उसके बच्चे नहीं थे।
  • एक महिला ने अपने बच्चों को अपने भाई और भाभी की फाइल में दर्ज कराया था, जिससे 62 लोगों का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा?

Sheikh Fahad Al-Yousef ने साफ किया है कि यह कदम देश की राजनीतिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए जरूरी है। फर्जी नागरिकता के कारण राजनीतिक ब्लैकमेलिंग और निजी स्वार्थों को बढ़ावा मिल रहा था। अब Public Prosecution को इन सभी मामलों की जांच का पूरा अधिकार दे दिया गया है। जो लोग गलती से या अनजाने में इस प्रक्रिया में फंसे हैं, उनके लिए एक शिकायत समिति (grievance committee) बनाई गई है, जहां ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपील की जा सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में दोहरी नागरिकता रखने वालों के लिए क्या नियम है?

नए नियम Article 11 bis के तहत, जिन प्राकृतिक नागरिकों के पास किसी अन्य देश की नागरिकता है, उन्हें 3 महीने के भीतर उसे छोड़ना होगा, वरना उनकी कुवैती नागरिकता रद्द हो सकती है।

नागरिकता की जांच के लिए सरकार किन तरीकों का इस्तेमाल कर रही है?

सरकार अब DNA टेस्टिंग और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट जैसे आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग कर रही है ताकि फर्जी रिश्तों और गलत पहचान का पता लगाया जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com