कुवैत में नागरिकता को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है. यहाँ कुछ लोगों ने कागजों में खुद को कुवैती बताया, लेकिन जब DNA टेस्ट हुआ तो पूरी सच्चाई बाहर आ गई. इस धोखाधड़ी के पीछे एक बड़ा जाल था जिसे अब पुलिस ने बेनकाब कर दिया है.

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DNA टेस्ट ने कैसे खोला फर्जीवाड़े का राज?

इस पूरे मामले की शुरुआत एक गुप्त सूचना से हुई. जांच में पता चला कि दो व्यक्ति कुवैती नागरिकता का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जबकि उनका अपना सगा भाई अब भी अपने मूल गल्फ देश की नागरिकता पर कुवैत में रह रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए Public Prosecution ने जेनेटिक फिंगरप्रिंटिंग और DNA टेस्ट की इजाजत दी.

  • DNA रिपोर्ट: टेस्ट से यह साफ हो गया कि उन दो आरोपियों का अपने गल्फ निवासी भाई के साथ खून का रिश्ता था.
  • नकली पिता: रिकॉर्ड में जिन्हें पिता बताया गया था, वह एक बुजुर्ग कुवैती व्यक्ति थे. DNA टेस्ट में उनके और आरोपियों के बीच कोई रिश्ता नहीं पाया गया.
  • जांच एजेंसी: यह पूरी कार्रवाई Nationality Investigation Department ने की है.

नया कानून और सजा का क्या नियम है?

कुवैत सरकार ने नागरिकता के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाए हैं. Decree-Law No. 52 of 2026 के तहत अब नागरिकता की जांच के लिए DNA और बायोमेट्रिक टेस्ट का इस्तेमाल किया जाएगा. प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahd Al-Yousef ने कहा कि देश की पहचान बचाने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालन होगा.

  • जेल और जुर्माना: गलत तरीके से नागरिकता लेने वालों को 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.
  • नागरिकता रद्द: धोखाधड़ी से ली गई नागरिकता को वापस ले लिया जाएगा.
  • बच्चों पर असर: Nationality Law के Article 14 के मुताबिक, नागरिकता केवल उसी व्यक्ति की रद्द होगी जिसने धोखाधड़ी की है, उसके असली बच्चों की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

बताया गया है कि इस केस में शामिल कुवैती पिता ने अगर पहले से घोषित ग्रेस पीरियड के दौरान खुद अपनी गलती मान ली होती, तो शायद वह इतनी बड़ी कानूनी मुसीबत से बच जाते.

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में नागरिकता फर्जीवाड़ा करने पर क्या सजा मिल सकती है?

नए कानून Decree-Law No. 52 of 2026 के तहत, फर्जी नागरिकता लेने वालों को 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है, साथ ही उनकी नागरिकता भी रद्द कर दी जाएगी।

क्या नागरिकता रद्द होने पर बच्चों की नागरिकता भी चली जाएगी?

नहीं, Nationality Law के Article 14 के अनुसार, नागरिकता केवल उसी व्यक्ति की छीनी जाएगी जिसने धोखाधड़ी की है, असली संतानों के अधिकारों पर इसका कोई असर नहीं होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com