कुवैत सरकार ने फर्जी तरीके से नागरिकता लेने वालों के खिलाफ बहुत सख्त कदम उठाए हैं। अब ऐसे लोगों को सरकारी नौकरी के दौरान मिले वेतन और भत्तों का दोगुना पैसा वापस करना होगा। कोर्ट ने यह फैसला उन लोगों के लिए सुनाया है जिन्होंने धोखाधड़ी कर देश के फंड का गलत इस्तेमाल किया। सरकार अब रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है ताकि कोई भी फर्जी व्यक्ति नागरिकता का लाभ न ले सके।

फर्जी नागरिकता लेने वालों पर क्या नियम लागू हुए हैं?

Kuwait Court of Appeals ने 4 मई 2026 को यह आदेश दिया कि जिन लोगों ने धोखाधड़ी से कुवैती नागरिकता हासिल की, वे सरकारी नौकरी से मिले सभी वेतन और भत्तों को डबल करके लौटाएंगे। यह नियम उन सभी पर लागू होगा जिन पर सरकारी फंड हड़पने का आरोप है। Ministry of Interior फिलहाल राष्ट्रीय पहचान फाइलों की जांच कर रहा है। कानून की Article 21 (bis A) के तहत उन लोगों की नागरिकता वापस ली जा रही है जिन्होंने झूठ बोलकर या जाली दस्तावेजों के जरिए नागरिकता प्रमाणपत्र हासिल किए थे।

कितने लोगों की नागरिकता छीनी गई और क्या सज़ा मिली?

Interior Minister Sheikh Fahd Al-Youssef ने अगस्त 2025 में बताया था कि अब तक लगभग 50,000 लोगों की नागरिकता वापस ली जा चुकी है। हाल ही में 6 मई 2026 को 6 डिक्री और 2 फैसलों के जरिए 316 लोगों की नागरिकता रद्द की गई। कानूनी कार्रवाई के तहत 2 मई 2026 को एक सैन्य अधिकारी और उसके पिता को 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई। साथ ही अधिकारी पर 3,16,000 कुवैती दीनार का जुर्माना भी लगाया गया क्योंकि उसने अवैध तरीके से नागरिकता ली थी।

जांच की प्रक्रिया कौन संभाल रहा है?

इस पूरी प्रक्रिया में कई सरकारी विभाग शामिल हैं। Ministry of Interior का General Department of Nationality और Nationality Investigation Department फाइलों की जांच कर रहे हैं। Supreme Committee for Kuwaiti Nationality मामलों की जांच कर नागरिकता वापस लेने की सिफारिश करती है, जिसके बाद Council of Ministers इस पर अंतिम मंजूरी देता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में फर्जी नागरिकता लेने वालों को कितना पैसा वापस करना होगा?

कोर्ट के आदेश के अनुसार, फर्जी नागरिकता लेने वाले लोगों को सरकारी नौकरी से मिले वेतन और भत्तों का दोगुना (double) पैसा वापस करना होगा।

नागरिकता वापस लेने का आधार क्या है?

नागरिकता कानून की Article 21 (bis A) के तहत उन लोगों की नागरिकता छीनी जा रही है जिन्होंने जालसाजी, गलत बयानों या फर्जी गवाहियों के जरिए नागरिकता ली थी।