कुवैत के मोहम्मद अल-अहमद नेवल बेस को शनिवार 28 फरवरी 2026 को एक ड्रोन के जरिए निशाना बनाने की कोशिश की गई। कुवैत की एयर डिफेंस फोर्स ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस ड्रोन को समय रहते हवा में ही नष्ट कर दिया। रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि इस कार्रवाई में किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है और सेना के जवान पूरी तरह मुस्तैद हैं। क्षेत्रीय तनाव के बीच कुवैत ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है।

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों पर क्या होगा असर?

इस घटना के बाद कुवैत सरकार ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए हैं जो वहां रहने वाले लोगों के लिए काफी अहम हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की खबर के बाद हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद किया गया और कुवैत एयरवेज की उड़ानें रोक दी गई हैं। इसके अलावा कुवैत यूनिवर्सिटी और अन्य शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा कारणों से अब ऑनलाइन पढ़ाई यानी डिस्टेंस लर्निंग शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने आम लोगों और प्रवासियों को सलाह दी है कि अगर उन्हें कहीं भी मिसाइल या ड्रोन का मलबा दिखे, तो उसे बिल्कुल न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें।

हमले के बाद तेल की कीमतों और सुरक्षा के क्या हैं हालात?

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे क्षेत्रीय विवाद की वजह से कुवैत के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। कुवैत कैबिनेट ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और सेना ने अली अल-सालेम एयर बेस पर दागी गई मिसाइलों को भी हवा में ही मार गिराया है। इस तनाव की वजह से आने वाले सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 10 से 25 प्रतिशत तक की उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। कई बड़ी कंपनियों ने फिलहाल इस समुद्री रास्ते से तेल की सप्लाई बंद कर दी है जिससे आने वाले समय में आर्थिक असर पड़ सकता है। फिलहाल नेवल बेस पर स्थिति सामान्य है और सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.