Kuwait में भ्रष्टाचार को खत्म करने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। भ्रष्टाचार विरोधी संस्था Nazaha और Central Agency for Public Tenders (CAPT) ने अब एक साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। इस मकसद के लिए Nazaha की प्रेसिडेंट Dr. Rana Al-Fares ने CAPT का दौरा किया और वहां के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की।
Nazaha और CAPT की इस मुलाकात का क्या मकसद है?
इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना और सरकारी कामों में ईमानदारी लाना है। दोनों संस्थाएं मिलकर ऐसे तरीके ढूंढ रही हैं जिससे देश में गवर्नेंस के स्टैंडर्ड बेहतर हों। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी Kuwait की छवि सुधरेगी। Nazaha की टीम में Dr. Rana Al-Fares के साथ Vice President Prof. Dr. Majid Al-Daihani और अन्य बोर्ड सदस्य शामिल थे। CAPT की तरफ से Essam Al-Marzouq और उनकी टीम ने इस प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया और बातचीत की।
सरकारी टेंडरों और कंपनियों के लिए क्या हैं नए नियम?
Kuwait सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए कई कड़े कानून बनाए हैं, जिनसे अब हर कंपनी और ठेकेदार को सावधान रहना होगा:
- Decree-Law No. 69 of 2025: इस कानून के जरिए भ्रष्टाचार विरोधी उपायों और पैसों के खुलासे के नियमों को और सख्त बनाया गया है।
- टेंडर कानून No. 49 of 2016: सरकारी टेंडरों में विदेशी कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि वे कम से कम 30% सामान लोकल मार्केट से ही खरीदें। साथ ही लोकल सामानों को 15% की कीमत में प्राथमिकता दी जाएगी।
- कंपनियों के लिए खुलासा: अब सभी कमर्शियल कंपनियों को यह बताना होगा कि उनके असली मालिक (real beneficiaries) कौन हैं। अगर कोई कंपनी यह जानकारी छुपाती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या है सरकार का पूरा प्लान?
सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सिस्टम बनाना है जहां जवाबदेही तय हो। Nazaha के चेयरमैन Abdulaziz Al-Ibrahim ने बताया कि यह पूरी कोशिश National Strategy for Promoting Integrity and Combating Corruption का हिस्सा है। इसका मकसद सरकारी कामकाज में जनता का भरोसा बढ़ाना है। साथ ही, Kuwait अब Gulf Ministerial Committee on Anti-Corruption की अगुवाई भी कर रहा है ताकि पूरे क्षेत्र में ईमानदारी को बढ़ावा मिले।