कुवैत में फंसे 318 नेपाली नागरिकों के लिए राहत भरी खबर आई है। बुधवार देर रात कुवैत एयरवेज की एक विशेष चार्टर्ड फ्लाइट से इन प्रवासियों को वापस नेपाल लाया गया। इस फ्लाइट में उन 9 प्रवासी मजदूरों के शव भी वापस लाए गए हैं जिनकी कुवैत में मौत हो गई थी। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण पिछले एक महीने से नियमित उड़ानें बंद थीं, जिस वजह से ये लोग वहां फंसे हुए थे। इन प्रवासियों को गौतम बुद्ध इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया है और अब उन्हें उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही है।

फ्लाइट और प्रवासियों की वापसी को लेकर क्या है जानकारी?

गौतम बुद्ध इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जनरल मैनेजर श्याम किशोर शाह ने विमान के आने की पुष्टि की है। कुवैत एयरवेज के बोइंग 777-300 विमान ने सोमवार को मिली विशेष अनुमति के बाद यह उड़ान भरी। क्षेत्रीय संघर्ष और तनाव के कारण नेपाल और कुवैत के बीच नियमित उड़ानें पिछले 32 दिनों से रुकी हुई थीं। इस दौरान कुवैत में नेपाली दूतावास ने वहां के नागरिकों की मांग पर इस चार्टर्ड फ्लाइट का समन्वय किया। सरकार ने उन प्रवासियों के लिए भी योजना बनाई है जो अभी भी खाड़ी देशों में फंसे हैं और वापस आना चाहते हैं।

वापस लाए गए मृतक श्रमिकों का विवरण क्या है?

वैदेशिक रोजगार बोर्ड के कार्यकारी निदेशक द्वारिका उप्रेती ने बताया कि मृत श्रमिकों के शवों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाने के लिए जरूरी वाहन और एम्बुलेंस का इंतजाम एयरपोर्ट पर ही कर लिया गया था। वापस लाए गए 9 शवों में से 4 महिलाएं शामिल हैं। इन प्रवासियों के नाम और उनके जिलों की जानकारी नीचे दी गई है।

श्रमिक का नाम जिला
Ramesh Kumar Mochi Siraha
Khushiram Chaudhary Dang
Samjhana Gole Sindhupalchok
Kopila Dhami Udayapur
Basanta Rai Khotang
Yamuna Sunar Surkhet
Krishnamraj Budha Salyan
Manju Moktan Pakhrin Sindhuli
Ramesh Nepali Kaski

युद्ध जैसे हालात में प्रवासियों के लिए क्या थे निर्देश?

पिछले कुछ हफ्तों से ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद की वजह से विमान सेवाएं बाधित रही हैं। इस स्थिति में कुवैत में नेपाली दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी थी कि जो लोग जल्द घर पहुंचना चाहते हैं, वे सऊदी अरब के रास्ते लैंड रूट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें सऊदी का ऑनलाइन वीजा लेकर वहां के एयरपोर्ट से फ्लाइट लेनी थी। फिलहाल नेपाल सरकार ने सऊदी अरब, यूएई, कतर और ओमान जैसे देशों के लिए श्रम परमिट के नवीनीकरण में ढील दी है ताकि वहां रह रहे लोगों को परेशानी न हो।