कुवैत सरकार ने देश में परिवारों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 15 मार्च 2026 को घरेलू हिंसा से सुरक्षा पर नया डिक्री-कानून संख्या 11 जारी किया गया है। यह कानून पुराने 2020 के कानून की जगह लेगा और उसकी कमियों को दूर करेगा। इसका मुख्य मकसद समाज की मूल इकाई यानी परिवार को सुरक्षित रखना और पीड़ितों को बिना किसी देरी के न्याय दिलाना है।

नए कानून में क्या हैं मुख्य नियम

इस नए कानून के तहत शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक शोषण को साफ तौर पर अपराध माना गया है। यह नियम केवल उन मामलों पर लागू होगा जो मौजूदा वैवाहिक या पारिवारिक रिश्तों के बीच होते हैं। कानून के अनुच्छेद 5 के अनुसार, पीड़ितों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष शेल्टर बनाए जाएंगे। इन शेल्टर्स की देखरेख सुप्रीम काउंसिल फॉर फैमिली अफेयर्स द्वारा की जाएगी। वहीं, अनुच्छेद 6 के तहत पीड़ितों की आर्थिक मदद और देखभाल के लिए एक खास सपोर्ट फंड भी तैयार किया गया है।

कहाँ और कैसे कर सकते हैं शिकायत

नए नियम में पुलिस और प्रशासन के तुरंत कार्रवाई करने के लिए 16 प्रक्रियाएं तय की गई हैं। पीड़ित लोग बिना डरे अपनी शिकायत इन 6 निर्धारित जगहों पर दर्ज करा सकते हैं:

  • Ministry of Interior
  • Public Prosecution
  • Health Institutions
  • Social Service Entities
  • Civil Society Organizations
  • Listening and Counseling Centers

पीड़ितों की सुरक्षा और प्राइवेसी पर जोर

इस कानून में लोगों की प्राइवेसी का सख्त ध्यान रखा गया है। शेल्टर की जगह और पीड़ित की निजी जानकारी पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि उनकी सुरक्षा को कोई खतरा न हो। सामाजिक मामलों की मंत्री डॉ. अमथाल अल-हुवैलाह ने साफ किया कि यह नया सिस्टम तेजी से मदद पहुंचाने का काम करेगा। इसके अलावा, शेल्टर से बाहर आने के बाद भी पीड़ितों के लिए फॉलो-अप प्रोग्राम चलाए जाएंगे ताकि उनके साथ दोबारा कोई हिंसा न हो।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com