कुवैत सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ अपनी मुहिम को और भी सख्त कर दिया है। हाल ही में एक मशहूर कुवैती अभिनेत्री Shujoun Al-Hajri को नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों के कब्जे के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आंतरिक मंत्रालय ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है और बताया है कि उनके पास से मारिजुआना और कोकीन जैसी चीजें बरामद हुई हैं। इस घटना के बाद कुवैत में नशीली दवाओं को लेकर बने नए नियमों पर चर्चा तेज हो गई है।
नए कानून में क्या है सजा का प्रावधान?
कुवैत ने नशीले पदार्थों को रोकने के लिए नया कानून (Amiri Decree-Law No. 59/2025) लागू किया है। इस कानून के तहत नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों को उम्रकैद और कुछ गंभीर मामलों में मौत की सजा तक दी जा सकती है। इसके साथ ही दोषियों पर 50,000 कुवैती दीनार से लेकर 20 लाख कुवैती दीनार तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अब व्यक्तिगत उपयोग के लिए भी ड्रग्स रखना अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें 10 साल तक की जेल हो सकती है।
यात्रियों और प्रवासियों के लिए जरूरी नियम
कुवैत आने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए अब दवाओं के साथ यात्रा करना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। अगर आप नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं, तो आपको कुछ विशेष बातों का पालन करना होगा:
- कुवैत आने से पहले डॉक्टर के पर्चे और दवाओं के लिए कुवैती अधिकारियों से लिखित या इलेक्ट्रॉनिक मंजूरी लेना जरूरी है।
- नशीली दवाओं (Narcotics) की केवल 15 दिन की खुराक ही साथ लाने की अनुमति है।
- साइकोट्रोपिक दवाओं के लिए आप अधिकतम एक महीने की सप्लाई ला सकते हैं, बशर्ते आपके पास प्रमाणित पर्चा हो।
- बिना मंजूरी के दवाएं लाने पर उन्हें एयरपोर्ट पर ही जब्त किया जा सकता है और यात्री को हिरासत में लिया जा सकता है।
अधिकारियों का सख्त रुख
ड्रग कंट्रोल जनरल डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने साफ किया है कि अब नए कानून के तहत शून्य-सहनशीलता (Zero-Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी। यदि किसी व्यक्ति के शरीर में ड्रग्स के थोड़े से भी अंश पाए जाते हैं, तो इसे आपराधिक कृत्य माना जाएगा। सरकार का मानना है कि नशीले पदार्थ समाज और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अन्य सीमाओं पर जांच को काफी कड़ा कर दिया गया है।
