कुवैत सरकार ने सरकारी किराए के मकानों के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। यह फैसला मिनिस्टर अब्दुल लतीफ अल-मिशारी द्वारा जारी किए गए मिनिस्टिरियल डिक्री नंबर 6 ऑफ 2026 के तहत लिया गया है। सरकार का मकसद यह है कि घर की सुविधा सिर्फ उन्हीं लोगों को मिले जिन्हें इसकी वाकई जरूरत है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

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किराए के सरकारी घर के लिए क्या हैं नई शर्तें?

Public Authority for Housing Welfare (PAHW) ने साफ किया है कि अब आवेदन की शर्तें पहले से ज्यादा कठिन होंगी। आवेदन करने वालों को कुछ खास नियमों का पालन करना होगा, वरना उन्हें इस सुविधा से बाहर कर दिया जाएगा।

शर्त नियम
प्रॉपर्टी पति या पत्नी के पास अपना पर्याप्त घर नहीं होना चाहिए
पिछला रिकॉर्ड पहले सरकारी हाउसिंग मदद लेने वाले या नियमों के कारण बेदखल लोग पात्र नहीं होंगे
अन्य मदद किसी दूसरी संस्था से हाउसिंग सपोर्ट या कैश अलाउंस नहीं मिलना चाहिए
रेजीडेंसी आवेदन करने वाले का कुवैत का स्थायी निवासी होना जरूरी है
बिजनेस कमर्शियल रजिस्ट्रेशन मान्य नहीं है, केवल छोटे काम या फ्रीलांसिंग की छूट है
आमदनी मंथली इनकम 1,500 दीनार तक होनी चाहिए, विशेष मामलों में 2,000 दीनार तक की छूट मिल सकती है
रिजेक्शन आवेदन खारिज होने पर एक साल तक दोबारा अप्लाई नहीं कर सकेंगे

महिलाओं के लिए हाउसिंग का क्या अपडेट है?

इसी के साथ एक और जरूरी खबर यह है कि कुवैती महिलाओं के लिए हाउसिंग वितरण फिर से शुरू हो गया है। Sheikha Bibi Al-Yousef की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसकी घोषणा की है। क्षेत्रीय विवादों की वजह से यह काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

अब हर हफ्ते बुधवार के दिन महिलाओं को घर आवंटित किए जा रहे हैं। शुरुआत में हर हफ्ते 20 महिलाओं को बुलाया जा रहा था, लेकिन अब इस संख्या को बढ़ाकर 30 कर दिया गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.