Kuwait New Rules: कुवैत ने बदले फार्मेसी और मेडिकल स्टोर के नियम, लाइसेंस से लेकर दवा बेचने तक हुआ बड़ा बदलाव.

कुवैत में रहने वाले लोगों और खासकर वहां काम करने वाले प्रवासियों के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। Kuwait Health Ministry ने बुधवार को देश में प्राइवेट फार्मेसी के संचालन और लाइसेंस को लेकर नए और कड़े नियमों का ऐलान किया। स्वास्थ्य मंत्री Dr. Ahmad Al-Awadhi ने इन नए दिशा-निर्देशों पर मुहर लगाई है, जिनका असर सीधे तौर पर मेडिकल स्टोर चलाने वालों और वहां दवा खरीदने आने आम लोगों पर पड़ेगा। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और दवाओं की बिक्री में पारदर्शिता लाना है।
फार्मेसी लाइसेंस और दूरी के नए नियम
नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी प्राइवेट फार्मेसी का लाइसेंस केवल चार साल के लिए वैध होगा। इसके बाद उसे रिन्यू कराना होगा। इसके अलावा, सरकार ने नई फार्मेसी खोलने के लिए एक और बड़ा नियम बनाया है। अब कोई भी नई फार्मेसी किसी दूसरी नजदीki मौजूदा फार्मेसी से कम से कम 1,000 मीटर की दूरी पर ही खोली जा सकेगी। हालांकि, कुछ खास मामलों में इसमें छूट भी दी जा सकती है। दुकान के अंदर तापमान को नियंत्रित रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। फार्मेसी के अंदर का तापमान हमेशा 25°C से कम रहना चाहिए, जबकि जिन दवाओं को ठंडक की जरूरत होती है, उन्हें 2°C से 8°C के बीच सुरक्षित रखना होगा।
स्टाफ और काम करने के तौर-तरीके
प्रत्येक फार्मेसी के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे एक लाइसेंस प्राप्त मैनेजर को नौकरी पर रखें। इसके अलावा, कुछ खास फार्मेसी जो गैर-कुवैती लोगों के स्वामित्व में हैं, उन्हें अपने यहां कम से कम एक लाइसेंस प्राप्त कुवैती फार्मासिस्ट को भी रखना होगा। ये नए नियम फार्मेसी के रोजाना के कामकाज जैसे 24 घंटे दुकान खोलने की सुविधा, डॉक्टर के पर्चे यानी प्रिस्क्रिप्शन से जुड़े नियम, विज्ञापन के दिशा-निर्देश, दवा रखने के तरीके और दुकान बंद करने की प्रक्रिया पर भी लागू होते हैं।
दवाओं की एक्सपायरी और वापसी पर पाबंदी
आम लोगों की सेहत से जुड़ा एक बेहद अहम नियम यह बनाया गया है कि ऐसी कोई भी दवा जिसकी एक्सपायरी में केवल 30 दिन या उससे कम का समय बचा हो, उसे ग्राहकों को बेचा या दिया नहीं जा सकेगा। इसके साथ ही, एक बार कोई दवा खरीद लेने के बाद उसे वापस नहीं लिया जाएगा। इन सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार निगरानी रखेगा ताकि मरीजों को सुरक्षित और सही दवाएं मिल सकें।