Kuwait की Supreme Judicial Council ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अब नए पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स और जूनियर लीगल रिसर्चर्स मीडिया में नजर नहीं आएंगे। यह आदेश 10 मई 2026 को जारी किया गया ताकि अदालत की मर्यादा और सम्मान को बनाए रखा जा सके।
मीडिया बैन में कौन-कौन सी चीजें शामिल हैं?
इस नए नियम के तहत जूनियर लीगल रिसर्चर्स, जो पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ‘C’ के पद के लिए आवेदन कर रहे हैं या जिन्हें चुना गया है, वे किसी भी अखबार, टीवी चैनल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर नहीं आएंगे। वे किसी भी तरह की मीडिया एक्टिविटी या इवेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
यह फैसला क्यों लिया गया और इसे कौन लागू करेगा?
Supreme Judicial Council के अध्यक्ष डॉ. आदिल बोरसेली के नेतृत्व में यह कदम उठाया गया। इसका मुख्य मकसद न्यायपालिका की परंपराओं, उसकी पवित्रता और गरिमा को बचाना है। इस आदेश को लागू करने की पूरी जिम्मेदारी Kuwait Institute for Judicial and Legal Studies के डायरेक्टर को सौंपी गई है ताकि सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा सके।
कोर्ट रूम और अन्य प्रतिबंधों के बारे में क्या जानकारी है?
काउंसिल ने पुराने नियमों को भी और सख्त कर दिया है। Judicial Organization Law के आर्टिकल 25 के तहत जजों और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स के लिए प्रेस स्टेटमेंट देना या सोशल मीडिया पर अपनी राय रखना मना है। इसके अलावा, अब बिना लिखित इजाजत के कोर्ट रूम या न्याय सुविधाओं के अंदर फोटो खींचना या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत का यह नया मीडिया बैन किन लोगों पर लागू होता है?
यह बैन उन लोगों पर लागू होता है जिन्होंने जूनियर लीगल रिसर्चर के पद के लिए आवेदन किया है या जिन्हें इस पद पर चुना गया है, जो पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ‘C’ बनने के योग्य हैं।
क्या कोर्ट रूम के अंदर वीडियो बनाना अब भी संभव है?
नहीं, अब बिना लिखित अनुमति के कोर्ट रूम या न्याय सुविधाओं के अंदर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
