कुवैत में अब ऑनलाइन सामान और खाना मंगाने वालों के लिए अच्छी खबर है. सरकार ने डिलीवरी ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स के लिए नए और कड़े नियम लागू किए हैं. इसका मकसद ग्राहकों को ज्यादा फायदा पहुंचाना और कंपनियों की मनमानी रोकना है ताकि आम आदमी को कम दाम में सर्विस मिल सके.

Commerce and Industry Minister Osama Boodai ने 9 जुलाई 2026 को ये नए नियम जारी किए. अब ये नियम सिर्फ रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हर उस ऐप पर लागू होंगे जो सामान की डिलीवरी करते हैं. सभी प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों को 1 सितंबर 2026 तक अपनी बिजनेस एक्टिविटी को बदलकर “Managing Delivery Services via Electronic Platforms” करना होगा.

सरकार ने डिलीवरी ऐप्स द्वारा वसूले जाने वाले पैसों पर भी लगाम लगाई है. अब कंपनियां ग्राहकों और दुकानदारों से मनमाना पैसा नहीं वसूल पाएंगी. नए नियमों के मुताबिक चार्ज की सीमा इस प्रकार तय की गई है:

विवरण नया नियम / सीमा
कुल चार्ज (कमीशन, विज्ञापन और डिलीवरी फीस मिलाकर) ऑर्डर की कुल कीमत का अधिकतम 17 प्रतिशत
डिलीवरी फीस (Delivery Fee) अधिकतम 1 KD प्रति ऑर्डर
अगर मर्चेंट खुद की डिलीवरी सर्विस इस्तेमाल करता है प्लेटफॉर्म चार्ज अधिकतम 10 प्रतिशत
खुद की डिलीवरी होने पर डिलीवरी फीस प्लेटफॉर्म इसे नहीं रख सकता

Ministry of Commerce and Industry ने यह भी साफ कर दिया है कि कोई भी प्लेटफॉर्म किसी दुकानदार या बिजनेस को अपनी डिलीवरी सर्विस इस्तेमाल करने के लिए मजबूर नहीं करेगा. अगर कोई मर्चेंट अपना खुद का स्टाफ डिलीवरी के लिए इस्तेमाल करता है, तो प्लेटफॉर्म उसे किसी भी तरह की सजा या पेनल्टी नहीं दे सकता.

सरकार अब किसी भी कंपनी से उनके दाम और कमीशन की पूरी जानकारी मांग सकती है और जरूरत पड़ने पर बाहरी ऑडिट भी करवा सकती है. सभी पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स को भी 1 सितंबर 2026 तक इन नए नियमों के हिसाब से बदलना होगा. ये नए नियम Official Gazette में छपने के बाद तुरंत लागू हो जाएंगे. इसके साथ ही कंपनियों को Competition Protection Authority की गाइडलाइंस का पालन भी करना होगा.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.