कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (MCI) ने मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत गैर-वित्तीय व्यवसायों (DNFBPs) जैसे कि रियल एस्टेट और ज्वेलरी से जुड़े लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर 8,000 दीनार तक का भारी जुर्माना और बिजनेस लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान किया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री खलीफा अल-अजील ने इस संबंध में नया प्रस्ताव जारी कर दिया है।

जुर्माने और सजा का नया नियम क्या है?

मंत्रालय ने उल्लंघनों को अलग-अलग जोखिम स्तरों में बांटा है। इसके तहत जुर्माना और सजा तय की गई है:

  • हाई-रिस्क उल्लंघन (8,000 KD जुर्माना): अगर कोई कंपनी स्थानीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध सूची में शामिल किसी व्यक्ति को सर्विस देती है, तो उस पर 8,000 दीनार का जुर्माना लगेगा और कंपनी का काम एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। बार-बार गलती करने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा।
  • रिपोर्टिंग उल्लंघन (5,000 KD जुर्माना): किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी कुवैत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) को दो वर्किंग दिनों के अंदर नहीं देने पर 5,000 दीनार का जुर्माना और एक साल का सस्पेंशन मिलेगा।
  • मीडियम-रिस्क उल्लंघन (3,000 KD जुर्माना): नकद (Cash) में खरीद या बिक्री के बड़े लेनदेन करने पर 3,000 दीनार का जुर्माना लगेगा और प्रतिष्ठान को बंद भी किया जा सकता है।

आम लोगों और व्यापारों पर क्या असर होगा?

इस नए नियम का सीधा असर कुवैत के रियल एस्टेट एजेंट, कीमती धातुओं के व्यापारी, अकाउंटेंट और लीगल प्रोफेशनल्स पर पड़ेगा। मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य बड़े बाजारों में पारदर्शिता लाना और अवैध पैसे को बाजार में आने से रोकना है। अब व्यापारियों को इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को अनिवार्य रूप से अपनाना होगा और नकद लेनदेन से बचना होगा।

इसके अलावा, KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया का पालन न करने या कंप्लायंस अधिकारी की नियुक्ति न करने वाले व्यवसायों पर भी 500 से लेकर 5 लाख दीनार तक का जुर्माना लग सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये नियम केवल सजा देने के लिए नहीं हैं, बल्कि कुवैत के व्यापार को ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप बनाने के लिए लागू किए गए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.