कुवैत में काम कर रहे विदेशी इंजीनियरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 10 फरवरी 2026 को जारी किए गए नए अपडेट के मुताबिक, डिग्री वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब इंजीनियरिंग की डिग्री की मान्यता और सत्यापन का मुख्य काम कुवैत सोसायटी ऑफ इंजीनियर्स (KSE) के बजाय उच्च शिक्षा मंत्रालय (MOHE) की देखरेख में होगा। सरकार ने फर्जी डिग्रियों पर लगाम लगाने के लिए पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) के सिस्टम को सीधे मंत्रालय से जोड़ दिया है।

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अब कैसे होगा वेरिफिकेशन और क्या बदला है?

नए नियमों के अनुसार, अब वर्क परमिट जारी करने या रिन्यू करने के लिए ‘Equivalency Certificate’ होना अनिवार्य है। पहले KSE यह काम प्रमुखता से करता था, लेकिन अब MOHE यह तय करेगा कि डिग्री कुवैत के मानकों के बराबर है या नहीं। वेरिफिकेशन के लिए MOHE ने ‘Quadrabay Verification Services’ को अपना आधिकारिक पार्टनर बनाया है, जबकि KSE सदस्यता के लिए अभी भी ‘DataFlow Group’ का उपयोग कर रहा है।

एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब इंजीनियरों को अपनी इंजीनियरिंग डिग्री के साथ-साथ 10वीं और 12वीं (General Secondary Certificate) की मार्कशीट का वेरिफिकेशन भी कराना होगा। कई मामलों में इसके लिए मुबारक अल-कबीर स्थित प्राइवेट एजुकेशन एडमिनिस्ट्रेशन में जाकर प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। जो नए इंजीनियर कुवैत आ रहे हैं, उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के लिए दो साल का अस्थायी रजिस्ट्रेशन दिया जाएगा।

खर्च और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी

इंजीनियरों को अपनी डिग्री, ट्रांसक्रिप्ट, पासपोर्ट, सिविल आईडी और कुवैत मोबाइल आईडी (Hawaiti) जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इसके अलावा, कंपनी की तरफ से एक रिक्वेस्ट लेटर भी मंत्रालय को देना होगा। नीचे दी गई टेबल में आप इस प्रक्रिया में लगने वाले अनुमानित खर्च को देख सकते हैं:

सेवा (Service) अनुमानित खर्च (KD)
DataFlow/Quadrabay वेरिफिकेशन 29 KD प्रति दस्तावेज
KSE वार्षिक सदस्यता 20 KD प्रति वर्ष
KSE एनओसी (NOC) 30 KD
MOFA स्टैम्प 5 KD प्रति दस्तावेज
अनुवाद (Translation) 8–12 KD प्रति पेज
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.