Kuwait New Law: टैक्स जानकारी साझा करने का नया नियम लागू, अब बैंक खातों की डिटेल दूसरे देशों को देगा कुवैत
कुवैत सरकार ने टैक्स से जुड़ी वित्तीय जानकारी साझा करने के लिए एक नया कानून लागू किया है। अब कुवैत OECD के ग्लोबल फ्रेमवर्क का हिस्सा बन गया है। इसके तहत बैंक खातों और अन्य वित्तीय डेटा की जानकारी अब दूसरे देशों के साथ ऑटोमैटिक तरीके से शेयर की जाएगी। यह कदम अंतरराष्ट्रीय टैक्स नियमों को मानने के लिए उठाया गया है।
यह नया नियम क्या है और आम लोगों पर क्या असर होगा?
कुवैत ने Multilateral Competent Authority Agreement (MCAA) और Common Reporting Standard (CRS) को मंजूरी दे दी है। यह पूरा सिस्टम OECD द्वारा तैयार किया गया है ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके। अब कुवैत की सरकार अन्य देशों के साथ टैक्स से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान करेगी। इस नए कानून के तहत क्लाइंट की जानकारी गुप्त रखने का नियम अब टैक्स एक्सचेंज के काम में बाधा नहीं बनेगा।
बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए क्या हैं नई शर्तें?
कुवैत के सभी Financial Institutions को अब कड़े नियमों का पालन करना होगा। उन्हें हर साल 31 मई तक रिपोर्ट जमा करनी होगी, चाहे उनके पास कोई रिपोर्ट करने लायक खाता हो या न हो। अगर कोई खाता नहीं है, तो भी उन्हें “nil report” देना जरूरी है। इसके अलावा, सभी जरूरी कागजात और सबूत कम से कम छह साल तक संभालकर रखने होंगे। नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
कुवैत टैक्स एक्सचेंज फ्रेमवर्क की मुख्य समयसीमा
| तारीख/समय | मुख्य घटना |
|---|---|
| 19 अगस्त 2016 | पेरिस में MCAA समझौते पर हस्ताक्षर हुए |
| जुलाई 2017 | CRS को लागू करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई |
| वर्ष 2019 | टैक्स जानकारी का आदान-प्रदान शुरू हुआ |
| 14 जुलाई 2024 | टैक्स उद्देश्यों के लिए जानकारी साझा करने का कानून (Decree No. 6) जारी हुआ |
| 3 अक्टूबर 2024 | वित्त मंत्रालय ने कार्यकारी नियम (Ministerial Decision No. 75) जारी किए |
| दिसंबर 2025 | OECD पीयर रिव्यू ने कुवैत के कानूनी ढांचे की पुष्टि की |