कुवैत के आंतरिक मंत्रालय ने गाड़ी किराए पर देने वाली कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का मकसद किराए की गाड़ियों की सुरक्षा बढ़ाना और कामकाज में पारदर्शिता लाना है। अब रेंटल कंपनियों को सरकार द्वारा तय किए गए सख्त मानकों का पालन करना होगा।
प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री Sheikh Fahad Al-Yousef ने Ministerial Resolution No. 894 of 2026 जारी किया है। ये नए उपाय पुराने नियमों (Ministerial Resolution No. 723 of 2020) में बदलाव करके लागू किए गए हैं।
किराए की गाड़ियों के लिए नए और सख्त नियम
अब रेंटल कंपनियों को रेंट एग्रीमेंट अरबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में देना होगा, ताकि ग्राहक अपनी शर्तों और अधिकारों को ठीक से समझ सके। साथ ही, कंपनियों को ग्राहकों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल या कागजी तौर पर रखना होगा। इस रिकॉर्ड में ग्राहक का नाम, नागरिकता, पता, संपर्क विवरण और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
अगर कोई कंपनी ड्राइवर के साथ गाड़ी उपलब्ध करा रही है, तो उन गाड़ियों में अंदर की तरफ कैमरा लगाना ज़रूरी होगा। इस कैमरे की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना होगा और सरकारी अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर इसे जमा करना होगा।
गाड़ियों की उम्र की समय सीमा
सरकार ने रेंटल सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों की उम्र को लेकर सख्त सीमा तय की है। इसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| गाड़ी का प्रकार | लाइसेंस के समय अधिकतम उम्र | कुल सर्विस समय (अधिकतम) |
|---|---|---|
| मोटरसाइकिल | 3 साल | 6 साल |
| प्राइवेट कार और छोटी बस (14 सवारी तक) | 3 साल | 8 साल |
| भारी वाहन और बसें (15 सवारी से ज़्यादा) | 5 साल | 15 साल |
बीमा और अन्य जरूरी शर्तें
सभी रेंटल गाड़ियों और मोटरसाइकिलों के लिए Comprehensive Insurance होना अनिवार्य है। इस बीमा को हर साल रिन्यू करना होगा और लाइसेंस पीरियड के दौरान इसे रद्द नहीं किया जा सकता। साथ ही, गाड़ियों के मालिकाना हक के कागजों में साफ तौर पर लिखा होना चाहिए कि गाड़ी रेंटल काम के लिए इस्तेमाल की जा रही है।
ये नियम कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्रालय द्वारा पहले जारी किए गए उपभोक्ता संरक्षण नियमों (Resolution No. 231/2024) के बाद आए हैं, जिसमें गाड़ियों की फोटो-वीडियो लेना और प्रॉमिसरी नोट्स पर रोक लगाना जैसे नियम शामिल थे।
रेंटल कंपनियों को इन नए नियमों को लागू करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। ये नियम ऑफिशियल गजट में प्रकाशित होने के बाद आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो जाएंगे।
