कुवैत में अब नई इमारतों में वॉटर हीटर लगाने के लिए सरकार के नए नियम मानने होंगे। बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. सुबइह अल-मुखैज़ीम ने इस संबंध में एक नया तकनीकी कोड जारी किया है। इसका मुख्य मकसद पूरे देश में बिजली की खपत को कम करना और ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देना है।

किन इमारतों पर लागू होगा यह नियम

यह नया नियम देश की सभी नई इमारतों और उन विस्तार कार्यों पर लागू होगा जिनमें वॉटर हीटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह नियम रिहायशी और गैर-रिहायशी दोनों तरह की प्रॉपर्टीज के लिए बनाया गया है।

नियमों की मुख्य बातें

  • गैर-रिहायशी इमारतें: इन इमारतों में ऐसे सिस्टम लगाना जरूरी होगा जिससे पानी गर्म करने में कम से कम 60% बिजली की बचत हो सके।
  • रिहायशी इमारतें: घरों के लिए हीटिंग सिस्टम चुनने में छूट दी गई है, लेकिन सिस्टम का ऊर्जा कुशल होना जरूरी है। इसमें सोलर वॉटर हीटर और हीट पंप जैसे आधुनिक विकल्पों को बढ़ावा दिया गया है।
  • तकनीकी मानक: यह पूरा नियम कुवैती स्टैंडर्ड KWS 1903:2025 पर आधारित है, जो बाजार में बिकने वाले हीटरों के लिए परफॉरमेंस स्टैंडर्ड और एनर्जी लेबल तय करता है।

लागू होने की तारीख और जरूरी प्रक्रिया

इस नए तकनीकी कोड को 30 नवंबर 2026 से पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इस तारीख के बाद से कुवैत में बिकने वाले या आयात किए जाने वाले सभी वॉटर हीटरों को इन नियमों का पालन करना होगा।

हर मॉडल का रजिस्ट्रेशन कुवैत के TABEK कन्फर्मिटी प्लेटफॉर्म के जरिए करना होगा। साथ ही, हर हीटर पर एक यूनिक सीरियल नंबर वाला एनर्जी एफिशिएंसी (EE) लेबल होना अनिवार्य होगा।

कौन से हीटर इस दायरे में आएंगे

इस नियम के तहत इलेक्ट्रिक स्टोरेज, इंस्टेंट इलेक्ट्रिक और हीट पंप वाले हीटर शामिल हैं। इनमें 70 kW तक की पावर और 2,000 लीटर तक की क्षमता वाले स्टोरेज टैंक वाले हीटर कवर होंगे, जबकि गैस हीटर के लिए यह क्षमता 300 लीटर तक होगी। सोलर और फ्यूल गैस वॉटर हीटर अभी वैकल्पिक रखे गए हैं।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी Ministry of Electricity and Water (MEW) करेगा और Public Authority for Industry (PAI) ने इस अनिवार्य नियम की जानकारी वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) को दे दी है।