कुवैत की अर्थव्यवस्था अब केवल तेल पर निर्भर नहीं रहेगी। Fitch Ratings की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, देश की गैर-तेल अर्थव्यवस्था में आने वाले सालों में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है। क्षेत्रीय तनाव और मुश्किलों के बावजूद कुवैत अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने की राह पर है और आने वाले समय में रिकवरी की उम्मीद है।

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गैर-तेल क्षेत्र की बढ़त का अनुमान

Fitch Ratings ने बताया कि पिछले कुछ सालों में गैर-तेल क्षेत्र की रफ्तार थोड़ी धीमी रही थी, लेकिन अब इसमें सुधार दिख रहा है। आने वाले सालों के लिए विकास दर का अनुमान नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

साल विकास दर (Growth Rate)
2022 1.5%
2023 0.8%
2024 3% से ज्यादा
2026 लगभग 1%
2027 लगभग 3%
2028 लगभग 2.5%

कमाई बढ़ाने के लिए सरकार के कदम

कुवैत की सरकार अब तेल के अलावा अन्य जरियों से पैसा कमाने की कोशिश कर रही है क्योंकि अभी गैर-तेल राजस्व अन्य खाड़ी देशों के मुकाबले कम है। इसके लिए कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं:

  • नया टैक्स: 1 जनवरी 2025 से बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर 15% का घरेलू न्यूनतम टॉप-अप टैक्स लगाया गया है। इससे सरकार की कमाई सालाना जीडीपी के 0.5% तक बढ़ सकती है।
  • कर्ज कानून: सरकार ने एक नया फाइनेंसिंग कानून मंजूर किया है जिससे अब कर्ज लेना आसान होगा। जून 2025 से अब तक घरेलू बाजार से लगभग 1.2 बिलियन कुवैती दीनार जुटाए गए हैं।
  • अन्य सुधार: खर्चों में कटौती करने और घर खरीदने के लिए नए मॉर्टगेज कानून पर काम शुरू किया गया है ताकि विकास को बढ़ावा मिले।

बजट और विदेशी संपत्ति की स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में बजट घाटा जीडीपी का 5.6% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल 2% था। हालांकि, कुवैत की विदेशी संपत्ति बहुत मजबूत है। साल 2025 तक यह बढ़कर जीडीपी का 607% होने की उम्मीद है, जबकि 2024 में यह 576% के आसपास थी।

Fitch Ratings का कहना है कि कुवैत ने क्षेत्रीय झटकों को अच्छे से झेला है और अन्य खाड़ी देशों की तुलना में यहाँ आर्थिक गिरावट कम रही है। हालांकि, सरकारी वेतन और कल्याणकारी खर्चों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि कुल खर्च का 79% हिस्सा इसी में जाता है।