कुवैत ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया है कि परमाणु हथियारों का खात्मा करना बहुत जरूरी है। Kuwait News Agency (KUNA) के मुताबिक, कुवैत का मानना है कि परमाणु हथियारों को खत्म करना NPT संधि का सबसे मुख्य हिस्सा है। यह बात उस समय आई है जब न्यूयॉर्क में परमाणु हथियारों पर एक बड़ी बैठक चल रही है।
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Kuwait ने परमाणु हथियारों के बारे में क्या कहा है?
कुवैत ने साफ किया है कि परमाणु हथियारों को खत्म करने की जिम्मेदारी उन देशों की है जिनके पास ये हथियार हैं। कुवैत के मुताबिक, NPT संधि के आर्टिकल 6 के तहत यह कानूनी तौर पर जरूरी है कि परमाणु हथियार रखने वाले देश इन्हें धीरे-धीरे खत्म करें। कुवैत का मानना है कि इस काम को अब और टाला नहीं जा सकता क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।
UN की बैठक और कुवैत की चिंताएं क्या हैं?
न्यूयॉर्क में 27 अप्रैल से 22 मई 2026 तक NPT की 11वीं समीक्षा कॉन्फ्रेंस चल रही है। कुवैत के डिप्लोमैटिक अटैशे Bandar Al-Enezi ने कहा कि परमाणु हथियारों की होड़ से दुनिया में तनाव बढ़ रहा है और यह संधि की साख के लिए खतरा है। वहीं, Abdulaziz Al Seidi ने इस बात पर जोर दिया कि मिडिल ईस्ट को परमाणु हथियारों से मुक्त क्षेत्र बनाया जाए। उन्होंने इजरायल के परमाणु हथियारों के खतरे को भी इस रास्ते में एक बड़ी बाधा बताया है।
UN का इस मामले पर क्या कहना है?
UN की अंडर-सेक्रेटरी जनरल Izumi Nakamitsu ने चेतावनी दी है कि NPT संधि अब एक कठिन परीक्षा के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों का असर पूरी दुनिया की सुरक्षा पर पड़ता है। उनके अनुसार, परमाणु हथियार रखने वाले और न रखने वाले देशों के बीच भरोसा होना बहुत जरूरी है तभी दुनिया सुरक्षित हो पाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NPT क्या है और कुवैत इसे क्यों जरूरी मानता है?
NPT एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका मकसद परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना और उन्हें खत्म करना है। कुवैत इसे वैश्विक शांति और सुरक्षा की बुनियाद मानता है।
कुवैत की मिडिल ईस्ट को लेकर क्या मांग है?
कुवैत चाहता है कि मिडिल ईस्ट को परमाणु हथियारों और अन्य सामूहिक विनाश के हथियारों से पूरी तरह मुक्त किया जाए ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।