कुवैत में ऑफशोर ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर हुए एक ड्रोन हमले ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। 12 जुलाई 2026 को हुए इस हमले में प्लेटफॉर्म को भारी नुकसान पहुंचा और एक कर्मचारी घायल हो गया। 14 जुलाई 2026 को कुवैत के तेल मंत्री H.E. Mr. Tariq Sulaiman Al-Roumi ने अस्पताल पहुंचकर घायल कर्मचारी Mohammad Suleiman का हाल जाना।
हमले पर सरकार का रुख
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने इस घटना को एक आपराधिक कृत्य बताया है। प्रवक्ता Colonel Saud Abdulaziz Al-Atwan ने आधिकारिक तौर पर प्लेटफॉर्म पर हमले की पुष्टि की। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने इस हमले के पीछे ईरान और उससे जुड़ी मिलिशिया का हाथ होने की बात कही है। सरकार के अनुसार, यह हमला कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
सुरक्षा के लिए कड़े कदम
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कुवैत अपने देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून और UN Security Council Resolution 2817 के तहत सभी जरूरी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है। घायल कर्मचारी Mohammad Suleiman उस कंपनी के लिए काम करते थे जो Kuwait Oil Company (KOC) को सेवाएं मुहैया कराती है। शुवेख पोर्ट के पास स्थित इस ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर हुई इस घटना के बाद से ही कुवैत सरकार सुरक्षा पर पूरी नजर बनाए हुए है।
