कुवैत अपनी तेल पाइपलाइन नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा निवेश सौदा करने जा रहा है। इस 7.5 बिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट के लिए दुनिया की सबसे बड़ी इन्वेस्टमेंट कंपनियां आपस में मुकाबला कर रही हैं। क्षेत्रीय तनाव के बावजूद कुवैत ने इस रणनीतिक कदम को आगे बढ़ाने का फैसला किया है ताकि विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।
दुनिया की दिग्गज कंपनियां रेस में शामिल
Kuwait Petroleum Corporation (KPC) की पाइपलाइन नेटवर्क में हिस्सेदारी लेने के लिए कई बड़ी कंपनियों ने अगले दौर की बोली के लिए क्वालीफाई किया है। इनमें BlackRock (Global Infrastructure Partners के जरिए), Brookfield Asset Management, KKR, Apollo Global Management और EIG Global Energy Partners जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, मैक्वेरी (Macquarie) नाम की कंपनी ने ईरान संघर्ष और बढ़ते तनाव की वजह से अपनी बोली वापस ले ली थी।
क्या है इस सौदे की पूरी योजना
यह लेनदेन लीजिंग के आधार पर होगा। इसका मतलब है कि बाहरी कंपनियां निवेश तो करेंगी, लेकिन पाइपलाइन नेटवर्क का मालिकाना हक और कामकाज का पूरा नियंत्रण राज्य की कंपनी KPC के पास ही रहेगा। कुवैत सरकार इस तरीके से अपनी संपत्तियों से पैसा कमाना चाहती है और नियंत्रण खोए बिना विदेशी पूंजी को आकर्षित करना चाहती है। इस पूरी प्रक्रिया में JPMorgan और Centerview Partners जैसे बड़े वित्तीय सलाहकार मदद कर रहे हैं।
GCC देशों के बीच बढ़ता सहयोग
कुवैत के सीईओ ने बताया कि कुवैत, सऊदी अरब और यूएई अपने पाइपलाइन ढांचे को बढ़ाने और एक-दूसरे की एक्सपोर्ट क्षमता में सहयोग करने के लिए चर्चा कर रहे हैं। GCC देशों के बीच अब पहले से बेहतर तालमेल दिख रहा है। साथ ही, कुवैत ऑयल कंपनी (KOC) ने नॉर्थ कुवैत में फ्लोलाइन्स के काम के लिए Heisco कंपनी को 565 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
सौदे और निवेश से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी/राशि |
|---|---|
| कुल सौदे की कीमत | 7.5 बिलियन डॉलर |
| Heisco को मिला कॉन्ट्रैक्ट | 565 मिलियन डॉलर |
| CAPT द्वारा स्वीकृत कॉन्ट्रैक्ट्स | 1.5 बिलियन डॉलर |
| शुरुआती बोली की समय सीमा | 28 अप्रैल, 2026 तक बढ़ाई गई |
| पिछली चर्चा की राशि | 7 बिलियन डॉलर |
| मुख्य वित्तीय सलाहकार | JPMorgan, Centerview Partners |
| प्रमुख दावेदार कंपनियां | BlackRock, KKR, Apollo, Brookfield |
ताजा अपडेट
क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद कुवैत ने अपने ऊर्जा सौदों को जारी रखा है। एशिया को होने वाला कच्चे तेल का निर्यात फिर से शुरू हो गया है और Strait of Hormuz के जरिए तेल का प्रवाह धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। KPC को उम्मीद है कि आने वाले कुछ हफ्तों में उन्हें फाइनल बाइंडिंग ऑफर्स मिल जाएंगे।
