रविवार, 12 जुलाई 2026 को कुवैत की समुद्री सीमा में स्थित कुवैत ऑयल कंपनी (KOC) के एक ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म पर ड्रोन से हमला हुआ। इस हमले में प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचा है और वहां काम कर रहे एक प्रवासी वर्कर के घायल होने की खबर है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Saud Abdulaziz Al-Atwan ने इस घटना की पुष्टि की है।
पूरे खाड़ी क्षेत्र में बढ़े हमले
यह हमला अकेले कुवैत तक सीमित नहीं था। एक ही समय में कुवैत के साथ-साथ बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जॉर्डन और ओमान में भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों की जिम्मेदारी ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने ली है। इन देशों की एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कतर में मलबे की चपेट में आने से एक बच्चे समेत 3 लोग घायल हो गए।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों का जवाब है। US Central Command (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के करीब 140 ठिकानों पर स्ट्राइक की थी, जिनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स शामिल थीं। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई थी। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
