कुवैत से कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों को लेकर आधिकारिक आंकड़े जारी हुए हैं। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) और कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) की 12 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत के कच्चे तेल की कीमत में 4.11 USD की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस ताज़ा बढ़ोतरी के बाद अब प्रति बैरल तेल की कीमत 117.24 USD हो गई है। वैश्विक बाज़ार में लगातार हो रहे बदलावों के बीच यह उछाल काफी अहम है।

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कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का कारण क्या है?

वैश्विक बाज़ार में तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड जैसे ग्लोबल बेंचमार्क भी एशियन ट्रेडिंग में 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर चुके हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा तनाव और लॉजिस्टिक दिक्कतों के कारण कुवैत ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग में एहतियाती कटौती की है।

इसके साथ ही 8 से 11 मार्च के बीच कुछ शिपमेंट में रुकावट आने की वजह से कुवैत ने फोर्स मेजर (force majeure) की स्थिति का सामना किया था। कुवैत और कतर के तेल अधिकारियों ने बताया है कि अगर यह तनाव ऐसे ही चलता रहा, तो आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर तक पहुंच सकती है। इस संकट को देखते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) बाज़ार को स्थिर करने के लिए 400 मिलियन बैरल रिज़र्व तेल छोड़ने पर विचार कर रही है।

क्या कुवैत में रहने वाले प्रवासियों पर इसका असर होगा?

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का निर्यात महंगा होने के बावजूद कुवैत में रहने वाले आम नागरिकों और भारतीय प्रवासियों के लिए राहत की खबर है। कुवैत के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि घरेलू ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

  • 2026 की पहली तिमाही (Q1) के लिए पेट्रोल की कीमतें फिक्स रखी गई हैं।
  • कुवैत में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत अभी भी 85 fils प्रति लीटर है।
  • सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों को ग्लोबल महंगाई से बचाना है।

इस फैसले से खाड़ी देश में काम करने वाले उन भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी जो रोज़ाना अपने वाहनों से काम पर जाते हैं, क्योंकि उनका मासिक बजट स्थिर रहेगा।