कुवैत में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और दाम ऊपर की ओर जा रहे हैं। इस बीच ईरान के साथ बढ़ते तनाव और ड्रोन हमलों की खबरों ने माहौल को गंभीर बना दिया है। Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने कीमतों और तेल के शिपमेंट को लेकर ताज़ा जानकारी साझा की है।
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कुवैत में कच्चे तेल की कीमतों में कितनी बढ़त हुई?
कुवैत के तेल भाव में पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 29 अप्रैल को तेल की कीमत 105.81 डॉलर प्रति बैरल थी, जो 30 अप्रैल को बढ़कर 106.18 डॉलर हो गई। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1 मई को यह कीमत 6.14 डॉलर की बढ़त के साथ 112.32 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है।
| तारीख | कीमत (प्रति बैरल) | बदलाव |
|---|---|---|
| 29 अप्रैल 2026 | 105.81 USD | 2.02 USD बढ़त |
| 30 अप्रैल 2026 | 106.18 USD | 0.37 USD बढ़त |
| 1 मई 2026 | 112.32 USD | 6.14 USD बढ़त |
ड्रोन हमले और शिपमेंट पर क्या असर पड़ा?
सुरक्षा कारणों से कुवैत ने कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों के शिपमेंट पर फोर्स मेज्योर (force majeure) घोषित किया था। यह कदम स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने और ईरान की धमकियों के बाद उठाया गया जिससे जहाजों की आवाजाही मुश्किल हो गई।
सुरक्षा स्थिति को लेकर कुछ बड़ी घटनाएँ सामने आई हैं:
- 5 अप्रैल 2026 को KPC, KNPC और PIC की फैसिलिटीज़ पर ड्रोन हमले हुए जिससे वहां आग लगी और काफी नुकसान हुआ।
- 24 अप्रैल 2026 को कुवैत की उत्तरी सीमा चौकियों पर विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ, जिससे सामान का नुकसान हुआ लेकिन कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ।
- सरकार ने 2026-2027 के बजट के लिए तेल की औसत कीमत 57 डॉलर प्रति बैरल मानकर चलना तय किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुवैत ने फोर्स मेज्योर (force majeure) क्यों लागू किया?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने और ईरान द्वारा जहाजों को दी गई धमकियों के कारण शिपमेंट में दिक्कतें आईं, जिसके बाद KPC ने यह फैसला लिया।
ड्रोन हमलों से कुवैत में क्या नुकसान हुआ?
5 अप्रैल को KPC और KNPC जैसी तेल कंपनियों की यूनिट्स में आग लगी और 24 अप्रैल को उत्तरी सीमा चौकियों पर भौतिक नुकसान हुआ।