कुवैत में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है. Kuwait Petroleum Corporation (KPC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी के असर से यहां तेल के दाम नीचे आए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से अब तेल की सप्लाई में सुधार की उम्मीद है, जिसका सीधा असर कीमतों पर दिख रहा है.
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से अब तेल के दाम पहले की तुलना में घट रहे हैं. अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ विवाद कम होने से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल ले जाने वाले टैंकर फिर से निकलने लगे हैं. इस वजह से सप्लाई में आने वाली रुकावटों का डर खत्म हो गया है.
तेल की कीमतों में गिरावट का ब्योरा
पिछले कुछ दिनों में कुवैती तेल की कीमतों में जो बदलाव आए हैं, उन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:
| तारीख | कीमत (प्रति बैरल) | बदलाव |
|---|---|---|
| 26 जून, 2026 | $76.81 | $2.63 की गिरावट |
| 25 जून, 2026 | $79.44 | $4.15 की गिरावट |
| 25 जून (बुधवार) | $83.59 | $1.48 की गिरावट |
| 24 जून, 2026 | $84.59 | $1.48 की गिरावट |
| 23 जून, 2026 | $85.07 | 59 सेंट की गिरावट |
सिर्फ कुवैत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमतों में भी कमी आई है. 25 जून तक Brent Crude की कीमत गिरकर 73.34 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी. OPEC के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले कुछ महीनों में तेल उत्पादन के कोटे में बढ़ोतरी की जाएगी ताकि सितंबर के अंत तक उत्पादन को पूरी तरह बहाल किया जा सके.
KPC ने वित्त वर्ष 2024/2025 के लिए कुवैती तेल की सांकेतिक कीमत (indicative price) 70 डॉलर प्रति बैरल तय की है. यह कीमत पिछले दो सालों से एक समान बनी हुई है.
उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
कुवैत सरकार अब अपने तेल उत्पादन को बढ़ाकर 20 लाख बैरल प्रतिदिन करने का लक्ष्य रख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद यह कदम उठाया जा रहा है. मार्च 2026 में विवाद के कारण उत्पादन गिरकर करीब 12 लाख बैरल रह गया था, जिसे अब फिर से पुराने स्तर पर लाने की कोशिश की जाएगी.
