कुवैत में तेल उत्पादन को लेकर बड़ी खबर आई है। सरकार जून में उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में है, लेकिन एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। समुद्री रास्तों पर नाकाबंदी के कारण कुवैत अपना तेल बाहर नहीं भेज पा रहा है। हालात इतने खराब रहे कि पिछले महीने देश से एक भी बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट नहीं हो पाया।
कुवैत में तेल उत्पादन कितना बढ़ेगा?
कुवैत के तेल मंत्री ने जानकारी दी है कि जून में तेल उत्पादन बढ़ाकर 2.628 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) किया जाएगा। यह फैसला OPEC+ के सात देशों ने मिलकर लिया है, जिसके तहत कुल उत्पादन लक्ष्य में 188,000 bpd की बढ़ोतरी की जाएगी। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से यह बढ़त फिलहाल सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
निर्यात क्यों रुका और क्या है मुख्य वजह?
अप्रैल 2026 में कुवैत ने शून्य तेल निर्यात किया। 1991 के गल्फ वॉर के बाद यह पहली बार हुआ है जब कुवैत से एक भी बैरल तेल बाहर नहीं गया। इसका सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। अमेरिका की CENTCOM ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी की है और ईरान की तरफ से भी तेल ठिकानों पर हमलों और खतरों की खबरें आई हैं। इसी वजह से Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने ‘फोर्स मेज्योर’ लागू कर दिया है, जिसका मतलब है कि कंपनी असाधारण हालातों की वजह से अपनी डिलीवरी पूरी नहीं कर पा रही है। फिलहाल उत्पादित तेल को स्टोरेज में जमा किया जा रहा है।
| विवरण | आंकड़ा/जानकारी |
|---|---|
| जून उत्पादन लक्ष्य | 2.628 मिलियन bpd |
| OPEC+ कुल बढ़ोतरी | 188,000 bpd |
| अप्रैल 2026 निर्यात | 0 बैरल |
| कुल बंद उत्पादन (US अनुमान) | 9 मिलियन bpd |
| पिछली बार जीरो निर्यात | 1991 (गल्फ वॉर) |
| प्रभावित क्षेत्र | स्ट्रेट ऑफ होर्मुज |
| KPC की स्थिति | फोर्स मेज्योर लागू |
Frequently Asked Questions (FAQs)
‘फोर्स मेज्योर’ का क्या मतलब होता है?
यह एक कानूनी क्लॉज है जिसे कंपनियां तब इस्तेमाल करती हैं जब युद्ध या प्राकृतिक आपदा जैसी किसी बड़ी घटना की वजह से वे अपने ग्राहकों को सामान या सर्विस देने में असमर्थ होती हैं।
क्या कुवैत ने तेल बनाना बंद कर दिया है?
नहीं, तेल का उत्पादन जारी है और इसे जून में और बढ़ाने की योजना है, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण तेल को बाहर भेजने के बजाय स्टोरेज में रखा जा रहा है।