कुवैत ने जून 2026 में अपने कच्चे तेल के उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत का उत्पादन 870,000 बैरल प्रतिदिन (bpd) बढ़कर 1.36 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गया है। यह रिकवरी देश की तेल उत्पादन क्षमताओं में सुधार का संकेत देती है, जो पहले तेल क्षेत्रों पर हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण प्रभावित हुआ था।
उत्पादन में सुधार और आधिकारिक दावे
Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने पुष्टि की है कि सभी जरूरी मरम्मत कार्य पूरे कर लिए गए हैं। KPC के सीईओ Sheikh Nawaf Al Sabah ने बताया कि बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण युद्ध-पूर्व उत्पादन स्तर को तेजी से वापस पाना संभव हुआ है। हालांकि, अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में थोड़ा अंतर है: OPEC ने इसे 1.45 मिलियन बैरल प्रतिदिन बताया है, जबकि IEA के अनुसार उत्पादन 1.37 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार पर असर
तेल उत्पादन में इस सुधार के बावजूद, खाड़ी क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ गया है। U.S. President Donald Trump ने ईरान के जहाजों पर 14 जुलाई को नौसैनिक नाकेबंदी को फिर से लागू कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल बाजारों में अनिश्चितता पैदा हो गई है। इसके साथ ही, OPEC ने अपनी रिपोर्ट में 2026 के लिए वैश्विक तेल मांग के अनुमान को 200,000 बैरल प्रतिदिन घटा दिया है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को इस कटौती का मुख्य कारण माना जा रहा है।
