अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक नए समझौते के बाद अब दुनिया के तेल बाजार में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। Strait of Hormuz के फिर से खुलने से कुवैत ने अपनी तेल उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले एक हफ्ते के भीतर कच्चे तेल का उत्पादन 20 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुँचाया जाए।
Kuwait Petroleum Corporation (KPC) के CEO शेख नवाफ अल-सबाह ने 18 जून 2026 को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुवैत एक हफ्ते के अंदर 20 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा तेल उत्पादन करने की योजना बना रहा है। उनका मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाएं सामान्य रहती हैं, तो आने वाले कुछ हफ्तों में उत्पादन युद्ध से पहले वाले स्तर पर पहुँच जाएगा।
कंपनी ने उन सभी ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) नोटिस को भी तुरंत हटा लिया है जो विवाद के दौरान जारी किए गए थे। इसका मतलब है कि अब कुवैत अपने सभी पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत तेल की पूरी सप्लाई दे पाएगा।
बता दें कि विवाद और Strait of Hormuz बंद होने की वजह से कुवैत का तेल उत्पादन गिरकर केवल 5 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था, जबकि युद्ध से पहले यह लगभग 25 से 26 लाख बैरल के बीच था। बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम तेजी से पूरा होने की वजह से अब उत्पादन को जल्दी बढ़ाना संभव हो पाया है।
दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों का एक अंतरिम शांति समझौता हुआ है। इसके बाद US Central Command ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा ली है, जिससे अब बड़े तेल टैंकर फिर से Strait of Hormuz से गुजर रहे हैं। इसमें सऊदी अरब के जहाज भी शामिल हैं।
इस खबर का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ा है। तेल की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और अमेरिका में पेट्रोल के दाम भी कम हुए हैं।