कुवैत की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर लगातार दूसरे दिन ड्रोन से हमला होने की खबर मिली है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ईरान ने पूरे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ तेहरान में इजरायली हमलों के कारण भारी धमाके सुने गए हैं। इस सैन्य तनाव के चलते पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है और तेल उत्पादन केंद्रों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

हमले की जानकारी और रिफाइनरी को हुआ नुकसान

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अनुसार ड्रोन हमलों ने मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को निशाना बनाया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इन हमलों के बाद रिफाइनरी परिसर में मामूली आग लग गई थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी कर्मचारी के घायल होने या जान जाने की कोई खबर नहीं मिली है। सुरक्षा एजेंसियां अभी इस बात की जांच कर रही हैं कि ड्रोन हमलों से रिफाइनरी की कार्यक्षमता पर कितना असर पड़ा है।

प्रवासियों और तेल बाजार पर पड़ने वाला असर

खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी काम करते हैं और तेल रिफाइनरी पर इस तरह के हमले उनकी सुरक्षा के लिए बड़े खतरे की तरह देखे जा रहे हैं। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की कीमतों पर भी पड़ सकता है। पड़ोसी देश कतर ने भी ईरान की इस आक्रामक कार्रवाई की निंदा की है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय खबरों पर नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा नियमों का पालन करें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.