कुवैत के तेल मंत्रालय ने देश के ऑयल सेक्टर को पूरी तरह बदलने की तैयारी कर ली है. अब यहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि काम करने का तरीका बेहतर हो और खर्च में कमी आए. सरकार का यह कदम तेल उत्पादन को सुरक्षित बनाने और नई तकनीक अपनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

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AI के इस्तेमाल से तेल उद्योग में क्या बदलेगा?

AI की मदद से अब तेल और गैस के भंडार का पता लगाना आसान होगा. इसके लिए जमीन के अंदर के डेटा का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, जिससे जोखिम कम होगा और काम तेजी से पूरा होगा. इसके अलावा, पाइपलाइनों में लीकेज का पता लगाने के लिए नई तकनीक लगाई जाएगी ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और तेल की बर्बादी रुके.

मशीनों की देखरेख और सप्लाई चेन का क्या होगा?

सरकारी योजना के तहत मशीनों में सेंसर लगाए जाएंगे जो पहले ही बता देंगे कि कौन सा पुर्जा खराब होने वाला है. इससे अचानक काम रुकने की समस्या खत्म होगी और मशीनों की उम्र बढ़ेगी. साथ ही, सामान की सप्लाई और मांग का हिसाब रखने के लिए भी AI का उपयोग होगा, जिससे पूरे मैनेजमेंट में सुधार आएगा.

कुवैत की डिजिटल रणनीति और इसमें कौन शामिल है?

  • नेशनल AI स्ट्रैटेजी: कुवैत ने साल 2025 से 2028 तक के लिए एक रणनीति बनाई है, जो विजन 2035 का हिस्सा है.
  • बड़े पार्टनर: Kuwait Oil Company ने Microsoft, Halliburton Co और Ghaia.ai जैसी कंपनियों के साथ मिलकर काम शुरू किया है.
  • पिछले प्रोजेक्ट्स: जनवरी 2026 में ‘Masar’ पहल के तहत छह डिजिटल प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए थे ताकि काम करने का तरीका आधुनिक हो सके.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.