कुवैत से एक बड़ी खबर आई है। देश की सरकारी तेल कंपनी Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने कच्चे तेल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स की शिपमेंट पर ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) घोषित कर दिया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रास्ता बंद होने की वजह से कुवैत अब अपने ग्राहकों को तेल की सप्लाई नहीं कर पाएगा।

कुवैत ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया?

KPC ने बताया कि ईरान की तरफ से जहाजों के सुरक्षित निकलने पर खतरे की बातें कही गई हैं। साथ ही कुवैत पर लगातार हमले हो रहे हैं और अरब खाड़ी में तेल ले जाने वाले जहाज भी उपलब्ध नहीं हैं। रॉयल नेवी की संस्था UKMTO ने 20 अप्रैल 2026 को इस इलाके में सुरक्षा जोखिम को ‘क्रिटिकल’ लेवल पर पहुंचा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव की वजह से जहाजों के लिए रास्ता बहुत खतरनाक हो गया है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या स्थिति है?

इस पूरे विवाद की वजह से 28 फरवरी 2026 से ही जहाजों की आवाजाही प्रभावित थी। 18 अप्रैल 2026 को ईरान ने इस रास्ते को फिर से बंद कर दिया क्योंकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी नहीं हटाई थी। इस रास्ते से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई होती है, इसलिए यहाँ रास्ता बंद होने का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

इस विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारियां

संस्था/देश भूमिका और स्थिति
KPC (कुवैत) शिपमेंट पर फोर्स मेज्योर लगाया और तेल उत्पादन कम किया
ईरान रास्ता बंद किया और जहाजों को खतरा पैदा किया
USA ईरानी बंदरगाहों की नेवल नाकेबंदी जारी रखी
UKMTO सुरक्षा जोखिम को ‘क्रिटिकल’ लेवल पर घोषित किया
इराक और कतर इन देशों में पहले ही सप्लाई में कमी आई थी
UAE और सऊदी उत्पादन में कटौती होने की संभावना है
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.