कुवैत सरकार ने पाकिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग समझौते को मंजूरी दे दी है। इस समझौते को 26 जुलाई 2026 को कुवैत के आधिकारिक राजपत्र ‘कुवैत अल-यम’ में प्रकाशित किया गया। यह करार दोनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने के लिए एक ढांचा तैयार करता है, जिस पर मूल रूप से 11 जून 2023 को हस्ताक्षर किए गए थे।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र
इस समझौते के तहत दोनों देश कई स्तरों पर एक-दूसरे की मदद करेंगे। इसमें सैन्य प्रशिक्षण, शिक्षा, लॉजिस्टिक सपोर्ट और तकनीकी विशेषज्ञों का आदान-प्रदान शामिल है। इसके साथ ही वैज्ञानिक और तकनीकी रक्षा सहयोग के साथ-साथ सैन्य खुफिया जानकारी साझा करने की भी योजना है। इन कार्यों की देखरेख के लिए एक संयुक्त सैन्य समिति का गठन किया गया है, जिसमें दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और वे हर साल बैठक करेंगे।
गोपनीयता और भविष्य के संबंध
समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि साझा की गई किसी भी गोपनीय जानकारी को किसी तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी मुद्दे पर विवाद होता है, तो उसे आपसी बातचीत से सुलझाया जाएगा। यह कदम खाड़ी क्षेत्र में पाकिस्तान की सुरक्षा भूमिका को और मजबूत करता है। इससे पहले सितंबर 2025 में सऊदी अरब के साथ भी पाकिस्तान का ऐसा ही रक्षा समझौता हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत अब भविष्य में पाकिस्तान से सैन्य टुकड़ियों, फाइटर जेट और ड्रोन तकनीक लेने पर भी विचार कर रहा है।
