कुवैत में ईद-उल-अजहा की छुट्टियों की शुरुआत के साथ ही पाकिस्तान और कुवैत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के राजदूत Dr. Zafar Iqbal ने कुवैत के लोगों और सरकार को ईद की मुबारकबाद दी है। इस मौके पर उन्होंने कुवैत की तरक्की और स्थिरता की तारीफ की। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बैठक हुई है जिसमें अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

कुवैत में ईद की छुट्टियां और सरकारी दफ्तरों का शेड्यूल

कुवैत सरकार ने पब्लिक सेक्टर के लिए ईद-उल-अजहा की आधिकारिक छुट्टियों की घोषणा कर दी है। सरकारी दफ्तरों में 26 मई से 31 मई 2026 तक छुट्टी रहेगी। सभी सरकारी विभागों और मंत्रालयों में नियमित कामकाज सोमवार, 1 जून 2026 से दोबारा शुरू होगा। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी सरकारी और सार्वजनिक संस्थान बंद रहेंगे।

रक्षा मंत्री और पाकिस्तानी राजदूत के बीच हुई खास बैठक

सोमवार, 25 मई 2026 को कुवैत के रक्षा मंत्री Shaikh Abdullah Ali Abdullah Al-Salem Al-Sabah ने पाकिस्तान के राजदूत Dr. Zafar Iqbal से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। बातचीत का मुख्य फोकस रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना था। इस बैठक में कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी Sheikh Dr Abdullah Mishal Al-Mubarak Al-Sabah भी मौजूद रहे और द्विपक्षीय रणनीतियों पर चर्चा की।

दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों पर क्या बोले राजदूत?

पाकिस्तान के राजदूत Dr. Zafar Iqbal ने अपने संदेश में कहा कि ईद का त्योहार भाईचारे, उदारता और एकजुटता का संदेश देता है। उन्होंने कुवैत की सुरक्षा, स्थिरता और विकास की सराहना की। राजदूत ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में साझेदारी और अधिक मजबूत होगी जिससे दोनों देशों के नागरिकों को फायदा पहुंचेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में सार्वजनिक क्षेत्र के लिए ईद की छुट्टियां कब से कब तक हैं?

कुवैत में पब्लिक सेक्टर के लिए ईद-उल-अजहा की छुट्टियां 26 मई से 31 मई 2026 तक घोषित की गई हैं। सरकारी विभागों में काम 1 जून 2026 से दोबारा शुरू होगा।

कुवैत के रक्षा मंत्री और पाकिस्तानी राजदूत की बैठक में किस बात पर चर्चा हुई?

दोनों देशों के नेताओं के बीच मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।