कुवैत में Public Authority for Manpower (PAM) ने घरेलू कामगारों (Domestic Workers) के अधिकारों को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। विभाग ने 30 जनवरी 2026 को एक नया जागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि काम करने वालों और काम देने वालों (Sponsors) दोनों को नियमों की सही जानकारी मिल सके। इसमें सैलरी, छुट्टी और मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर कई अहम बातें बताई गई हैं।

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सेवा समाप्ति पर मिलने वाली राशि का नियम क्या है?

PAM ने स्पष्ट किया है कि घरेलू कामगारों को उनकी सेवा के बदले एक्स्ट्रा पैसा पाने का पूरा हक है। नियम के मुताबिक, वर्कर को काम के प्रत्येक वर्ष के लिए एक महीने के वेतन के बराबर उपदान (Indemnity) दिया जाएगा। यह अधिकार घरेलू श्रम कानून संख्या 68 के अनुच्छेद 23 के तहत सुरक्षित है। यह पैसा तब दिया जाना चाहिए जब कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो रहा हो या उसकी अवधि पूरी हो गई हो।

मोबाइल फोन और काम के घंटों को लेकर निर्देश

अक्सर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर विवाद होता है, जिस पर PAM ने स्थिति साफ की है। कामगारों के पास काम के घंटों के बाहर अपना मोबाइल फोन रखने और इस्तेमाल करने का पूरा कानूनी अधिकार है। हालांकि, उन्हें घर की गोपनीयता का सम्मान करना होगा। इसके अलावा, काम के घंटे दिन में अधिकतम 12 घंटे ही हो सकते हैं, जिसमें बीच में आराम का समय भी शामिल होना चाहिए। वर्कर को हफ्ते में एक दिन की पेड छुट्टी (Paid Leave) मिलना भी जरूरी है।

वेतन में देरी और जुर्माने की जानकारी

अगर कोई नियोक्ता (Employer) समय पर वेतन नहीं देता है, तो उसे जुर्माना देना होगा। देरी होने पर वर्कर को हर महीने 10 KWD अतिरिक्त पाने का अधिकार है। इसके अलावा, अगर वर्कर से एक्स्ट्रा काम (Overtime) कराया जाता है, तो नियोक्ता को तय दैनिक वेतन का दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है। हाल ही में यह भी साफ किया गया है कि किसी नागरिक द्वारा स्पॉन्सर किए गए पहले तीन घरेलू कामगारों के लिए स्वास्थ्य बीमा शुल्क 10 KWD है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.