कुवैत में काम करने वाले प्रवासियों के लिए Public Authority for Manpower (PAM) ने अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने का काम तेज कर दिया है। 17 फरवरी 2026 को PAM की डायरेक्टर जनरल रबाब अल-ओसैमी ने बताया कि अब कामकाज को ऑटोमेटिक किया जा रहा है। इसका सीधा असर लेबर लॉ और कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ने वाला है। सरकार अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पुरानी कमियों को दूर कर रही है ताकि काम करने वालों को परेशानी न हो।

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सैलरी और कटौती पर अब मिलेगी पूरी जानकारी

PAM ने Ministry of Interior (MOI) के साथ सीधा डिजिटल लिंक बना लिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों की सैलरी जमा होने और बांटने पर अब रियल टाइम नजर रखी जाएगी। अगर किसी महीने सैलरी लेट होती है या कम मिलती है, तो सिस्टम इसे तुरंत पकड़ लेगा। इसका मकसद सैलरी में होने वाली देरी को रोकना है।

इसके अलावा, Sahl App के जरिए अब कर्मचारियों को पारदर्शिता मिलेगी। अगर आपकी सैलरी से कोई पैसा कटता है, तो आपको ऐप पर ऑटोमेटिक नोटिफिकेशन भेजा जाएगा। इस मैसेज में साफ़-साफ़ बताया जाएगा कि कितना पैसा काटा गया है और इसके पीछे का कारण क्या है। इससे वर्कर और कंपनी के बीच विवाद कम होंगे।

डिग्री और कॉन्ट्रैक्ट ट्रांसफर के नियमों में बदलाव

कुवैत में नौकरी करने वालों के लिए कुछ नियम सख्त भी हुए हैं। नए सर्कुलर (Ministerial Circular No. 1 of 2025) के मुताबिक, अगर कोई प्रवासी बाहर से जिस डिग्री या जॉब टाइटल पर आया है, वह देश के अंदर रहते हुए उसे बदल नहीं सकता। अगर आपको अपनी डिग्री अपडेट करानी है, जैसे डिप्लोमा की जगह बैचलर डिग्री लगानी है, तो आपको देश छोड़कर वापस आना होगा।

दूसरी तरफ राहत की खबर यह है कि PAM अब कॉन्ट्रैक्ट ट्रांसफर को आसान बनाने पर विचार कर रही है। अभी इस पर स्टडी चल रही है कि वर्कर अपने ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्ट के टाइप की परवाह किए बिना दूसरे कॉन्ट्रैक्ट में ट्रांसफर ले सकें। हालांकि, इस पर अभी फाइनल मंजूरी मिलनी बाकी है।

काम के घंटे और भागने वाले वर्कर पर सख्ती

नियोक्ताओं (Employers) को अब अपने कर्मचारियों के काम के घंटे, शिफ्ट और आराम का समय एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर अपडेट करना जरूरी है। यह नियम 1 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है। PAM के इंस्पेक्टर इसी रिकॉर्ड को देखकर जांच करेंगे।

इसके अलावा, अगर कोई वर्कर काम छोड़कर भागता है (Absconding), तो मालिक अब As’hal App के जरिए इसकी रिपोर्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट करने के 7 दिन बाद वर्क परमिट अपने आप कैंसिल हो जाएगा। सरकार ‘फ्री वर्क’ परमिट लाने पर भी विचार कर रही है, जिसकी फीस 750 से 1,000 कुवैती दीनार के बीच हो सकती है, जिसे सीधा सरकारी खजाने में जमा करना होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com