कुवैत में काम करने वाले प्रवासी कामगारों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अल-अब्दली इलाके में संचालित होने वाली एक फ्यूल सप्लाई कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इस कंपनी के कर्मचारियों ने समय पर पैसा न मिलने के विरोध में कुछ देर के लिए काम रोक दिया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ और सरकार तुरंत हरकत में आई। सरकारी विभाग ने साफ किया है कि कामगारों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

📰: Kuwait Worker Salary: कुवैत में प्रवासियों को 5 महीने से नहीं मिला ओवरटाइम, वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने लिया कड़ा एक्शन.

आखिर किस बात को लेकर कर्मचारियों ने किया था विरोध?

अल-अब्दली इलाके में काम करने वाले फ्यूल कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी वित्तीय मांगों को लेकर काम बंद कर दिया था। पहले दिन यह हड़ताल लगभग 30 मिनट चली और दूसरे दिन करीब एक घंटे तक जारी रही। कर्मचारियों की मुख्य शिकायत यह थी कि उन्हें पिछले 5 महीनों से अधिक समय से ओवरटाइम का पैसा नहीं मिला था। सोशल मीडिया पर इस विरोध प्रदर्शन का वीडियो सामने आने के बाद पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) की फील्ड टीमों ने तुरंत कंपनी परिसर का दौरा किया और कर्मचारियों से मुलाकात कर मामले की तहकीकात की।

जांच में क्या कमियां पाई गईं और क्या हुई कार्रवाई?

पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर के अधिकारियों ने जांच के बाद पाया कि कंपनी ने प्राइवेट सेक्टर लेबर लॉ नंबर 6 (साल 2010) के नियमों का उल्लंघन किया है। इस जांच के दौरान निम्नलिखित बातें सामने आई हैं:

  • कर्मचारियों को पिछले 5 महीनों से अधिक समय का ओवरटाइम बकाया नहीं दिया गया था।
  • कंपनी ने कर्मचारियों से कानूनी रूप से तय सीमा से अधिक समय तक ओवरटाइम काम कराया था।
  • इस पूरी जांच प्रक्रिया में लेबर अफेयर्स के एक्टिंग डिप्टी डायरेक्टर जनरल फहद मंसूर अल-अजमी और लेबर रिलेशंस डिपार्टमेंट के एक्टिंग डायरेक्टर अली अल-दलमानी खुद शामिल थे।

अधिकारियों ने सभी नियोक्ताओं को चेतावनी दी है कि वे श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करें। इसके साथ ही कामगारों और मालिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी विवाद को हमेशा सरकार द्वारा स्वीकृत कानूनी चैनलों के माध्यम से ही हल करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत में फ्यूल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई?

कंपनी ने अपने कर्मचारियों को पिछले 5 महीनों से ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया था और उनसे तय सीमा से अधिक काम कराया था, जिसके विरोध में कर्मचारियों ने काम रोक दिया था।

इस मामले की जांच किस सरकारी विभाग ने की है?

इस मामले की जांच पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) के श्रम मामलों के विभाग और श्रम संबंध विभाग की विशेष टीम ने मौके पर जाकर की है।