कुवैत में नौकरी करने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है। Public Authority for Manpower (PAM) ने कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने कर्मचारियों की सैलरी समय पर दें। अगर कोई कंपनी सैलरी देने में देरी करती है, तो उसका फाइल अपने आप सस्पेंड कर दिया जाएगा। यह कदम लेबर मार्केट को ठीक रखने और वर्कर्स के हक की रक्षा के लिए उठाया गया है।
सैलरी देने के क्या नियम हैं और कब तक देना होगा पैसा?
PAM ने साफ कर दिया है कि हर महीने की 7 तारीख तक कर्मचारियों की सैलरी देना अनिवार्य है। जिन कंपनियों में 5 या उससे ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन्हें Law No. 6/2010 के आर्टिकल 57 के तहत सैलरी लोकल बैंक अकाउंट में ही जमा करनी होगी। कंपनियों को इसके बैंक स्टेटमेंट PAM को देने होंगे। साथ ही, सैलरी ट्रांसफर के समय उसे ‘सैलरी’ के रूप में मार्क करना होगा और रकम वर्क परमिट के हिसाब से होनी चाहिए।
सैलरी में देरी होने पर कंपनी पर क्या कार्रवाई होगी?
अगर कोई कंपनी नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसका फाइल ऑटोमैटिक तरीके से सस्पेंड हो जाएगा। फाइल सस्पेंड होने के बाद कंपनी नए वर्कर नहीं रख पाएगी और न ही वर्कफोर्स असेसमेंट करा सकेगी। हालांकि, ऐसी कंपनियों में काम करने वाले पुराने वर्कर्स अपनी रेजिडेंसी रिन्यू करा सकते हैं या किसी दूसरी कंपनी में ट्रांसफर ले सकते हैं। सरकार ने सैलरी के मामले को ‘रेड लाइन’ बताया है और कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
डिजिटल सेवाओं और नए अपडेट्स की पूरी जानकारी
सरकार ने अब सैलरी और वर्क परमिट के लिए डिजिटल सिस्टम को मज़बूत किया है। कर्मचारी ‘Sahel’ ऐप के ज़रिए अपनी सैलरी कटौती और उसके कारणों को देख सकते हैं। साथ ही, AS’HAL पोर्टल के ज़रिए सैलरी रिपोर्टिंग को और सख्त बनाया गया है।
| तारीख | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| 10 मार्च 2025 | सैलरी हर महीने की 7 तारीख तक देने का आदेश जारी हुआ |
| 1 नवंबर 2025 | AS’HAL पोर्टल के ज़रिए सैलरी रिपोर्टिंग के कड़े नियम लागू हुए |
| 15 फरवरी 2026 | ‘Sahel’ ऐप पर सैलरी कटौती देखने की सुविधा शुरू हुई |
| 2 अप्रैल 2026 | सैलरी देरी पर जीरो टॉलरेंस की नीति की पुष्टि हुई |
| 22 अप्रैल 2026 | सैलरी ऑडिट बढ़ाने और ‘Ashal’ पोर्टल पर नई सेवाएं शुरू करने का ऐलान हुआ |
