कुवैत ने चीन के शेनझेन शहर में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) डेवलपमेंट बैंक की चौथी दौर की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में नए बैंक को चलाने के लिए जरूरी कानूनी, वित्तीय और कामकाज के नियमों पर गहराई से चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य बैंक की रूपरेखा तैयार करना था ताकि सदस्य देशों को आर्थिक लाभ मिल सके।

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कुवैत के दूतावास के काउंसलर Abdulaziz Al-Dakheel ने बताया कि इस बैठक में SCO के सदस्य और पार्टनर देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर बैंक के ढांचे और उसके काम करने के तरीके की समीक्षा की। यह बैठक 29 जून से 1 जुलाई 2026 के बीच चली थी।

बैठक की मुख्य बातें और अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता चीन के वित्त उप मंत्री Liao Min और किर्गिज़ गणराज्य के वित्त उप मंत्री Akzholov Nurbek ने की। इसमें कुल 28 देशों के प्रतिनिधियों और SCO सचिवालय के सदस्यों ने हिस्सा लिया। सभी देशों ने इस बैंक को जल्द से जल्द शुरू करने के लिए अपनी सहमति जताई।

यह पूरी पहल 1 सितंबर 2025 को चीन के तियानजिन में हुई SCO राष्ट्राध्यक्षों की 25वीं बैठक के दौरान लिए गए फैसले का हिस्सा है।

ईरान के सुझाव और बैंक का मकसद

ईरान के डिप्टी सेंट्रल बैंक गवर्नर Abolfazl Koudehi ने भी इस बैठक में अपने तकनीकी सुझाव रखे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बैंक का पूरा कामकाज और लेनदेन सदस्य देशों की अपनी मुद्राओं (National Currencies) में होना चाहिए। ईरान का मानना है कि इससे पश्चिमी देशों के वित्तीय प्रभाव को कम किया जा सकेगा और सदस्य देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।

इस बैंक को बनाने का एक बड़ा कारण सदस्य देशों में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की जरूरतों को पूरा करना है। किर्गिज़ राष्ट्रपति Sadyr Zhaparov ने भी पहले कहा था कि SCO डेवलपमेंट बैंक और फंड का होना बहुत जरूरी है।

SCO के सदस्य देश

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) में मुख्य रूप से निम्नलिखित देश शामिल हैं:

  • चीन
  • रूस
  • भारत
  • ईरान
  • पाकिस्तान
  • कजाकिस्तान
  • किर्गिस्तान
  • ताजिकिस्तान
  • उज्बेकिस्तान
  • बेलारूस