Kuwait Petroleum Corporation (KPC) ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग कार्यों में एहतियातन कटौती करने की घोषणा की है। यह फैसला 7 मार्च 2026 को जारी बयानों के आधार पर लिया गया है, जिसमें ईरान द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों और धमकियों का हवाला दिया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह कदम पूरी तरह से सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

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क्यों लिया गया उत्पादन घटाने का फैसला?

अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान द्वारा कुवैत के खिलाफ किए गए हमलों और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर दी गई धमकियों के कारण लिया गया है। इन धमकियों के चलते शिपिंग ट्रैफिक लगभग रुक गया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुवैत के पास तेल स्टोर करने की क्षमता सीमित रह गई थी, जिसके कारण उत्पादन को धीमा करना एक मजबूरी बन गई थी।

तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर

इस क्षेत्रीय तनाव के कारण तेल के बाजार में भारी उछाल आया है। Brent Crude की कीमत बढ़कर 90.00 से 92.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो संघर्ष शुरू होने के बाद से करीब 25% की बढ़त है। हालांकि, KPC ने स्पष्ट किया है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं होगी। स्थानीय सप्लाई को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है।

सुरक्षा को लेकर क्या है स्थिति?

  • ड्रोन हमले नाकाम: कुवैत नेशनल गार्ड ने दक्षिणी क्षेत्र में 12 ईरानी ड्रोन और 14 मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है।
  • CEO का बयान: KPC के CEO शेख नवाफ सऊद अल-नासिर अल-सबाह ने कहा है कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कड़े प्लान लागू किए गए हैं।
  • बाजार का हाल: जानकारों का मानना है कि अगर यह तनाव जारी रहा, तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती हैं।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com